सात वर्षों से रक्तदान, चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं जिले के युवा
थमती सांसें और घटते रक्तचाप के बीच जब अपने ही खून का फर्ज अदा करने से चूक रहें होते हैं, तब ब्लड आर्मी ग्रुप के रक्तवीर और वीरांगना औरों के जीवन में अपने लहू से खुशियां भरने के लिए बेहिचक आगे आते हैं। अक्सर हमने देखा है कि जब किसी अपने को रक्त लगता है, तो वो गैरों से नि:संकोच आशा कर मदद की गुहार लगाता है। क्योंकि इस स्वार्थ भरी दुनिया में जब अपने काम नहीं आते तो कोई गैर ही खून के रिश्ते रक्त के दान से बनाने मदद के लिए तत्पर दिखाई देता है।
विगत सात वर्षों से रक्तदान के क्षेत्र में अपने अनूठे अंदाज से कार्य कर रही युवाओं की टीम ब्लड आर्मी ग्रुप आज जिले ही नहीं प्रदेश की एक ऐसी टीम है जो रक्तदान के साथ-साथ रक्तदान के प्रति जागरूकता और नए रक्तदाता बनाने के लिए काउंसलिंग पर विश्वास रखती है। कथनी और करनी को सारगर्भित करते हुए साल भर हर सम और विषम परिस्थिति में बिना किसी आडम्बर के अपना कार्य अपनी जिम्मेदारी और दायित्व समझ कर करती है। दो युवाओं ने जिस टीम की शुरुआत रक्त के लिए परेशान हो रहे परिजन की मदद करने के लिए की थी, आज उस टीम के दर्जनों युवा काउंसलिंग करके लोगों को रक्त के लिए जागरूक और मोटिवेट कर रहे हैं।
- इन 7 वर्षों में कुल 2404 यूनिट्स रक्तदान और 18 यूनिट एसडीपी का सफलतम दान।
- करीब 5000 से अधिक मरीज के परिजन को प्रोत्साहित कर उन्हीं के द्वारा रक्त की उपलब्धता कराई गई।
राज्य स्तरीय पुरस्कार (एसबीटीसी ) से सम्मानित। साथ ही देश एवं प्रदेश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा रक्तदान के क्षेत्र में कार्य करने एवं लोगों को जागरूक कर रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित।
कोविड एवं डेंगू जैसी महामारी के समय घरों से निकल कर मरीजों की मदद कर उनके परिजन के जीवन में बुझते दीये की लौ को दीप्तिमान करने के लिए आज भी ब्लड आर्मी ग्रुप को सराहा जाता है।