छिंदवाड़ा

कच्ची सडक़ के कारण डोली के सहारे ग्राम गोप पहुंची प्रसूता, मृत बच्चे को दिया जन्म, प्रसूता आईसीयू में भर्ती

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल, आठ किमी ग्रामीणों को करनी पड़ी मशक्कत. कच्ची सडक़ के कारण घर से आठ किमी दूर ग्राम गोप पहुंचकर महिला को 108 एंबुलेंस की मदद से दमुआ अस्पताल तथा वहां से जिला अस्पताल रेफर
2 min read
chhindwara...
chhindwara...

छिंदवाड़ा। दमुआ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोप के मजरे टोले चीटीपाठाजामुनडोगा में पक्की सडक़ न होने के कारण बुधवार रात एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। कच्ची सडक़ के कारण घर से आठ किमी दूर ग्राम गोप पहुंचकर महिला को 108 एंबुलेंस की मदद से दमुआ अस्पताल तथा वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। महिला ने डिलेवरी के दौरान मृत बच्चे को जन्म दिया वहीं महिला की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

बारिश में आधा दर्जन ग्रामीण लेकर पहुंचे

सडक़ मार्ग के अभाव में प्रसव पीड़ा से तड़प रही 22 वर्षीय प्रसूता को ग्रामीण डोली पर लादकर बारिश के दौरान आठ किलोमीटर दूर गोप पंचायत मुख्यालय लेकर पहुंचे। चीटीपाठा निवासी सोनू मलगाम की पत्नी कुस्तरिया (22) को बुधवार रात अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गुरुवार सुबह 6 बजे परिजनों ने सरपंच सियाबतीकंचनशाहनर्रे को इसकी सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और सरपंच ने मिलकर उबड़-खाबड़ रास्तों से महिला को डोली में लादकर गोप मुख्यालय तक पहुंचाया। वहां से 108 एंबुलेंस की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दमुआ भेजा गया।

जिला अस्पताल में डिलेवरी पर नवजात की मौत

दमुआ अस्पताल में महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। छिंदवाड़ा अस्पताल में प्रसूता ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे आईसीयू में रखा गया है। जहां पर डॉक्टरों की टीम उस पर सतत निगरानी रख रही है।

मजरे टोले मूलभूत सुविधाओं से वंचित

ग्राम पंचायत गोप के अंतर्गत आने वाले मजरे टोले जामुनडोंगा, चीटीपाठा, सेमरडोल और टेडिय़ामऊ आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जामुनडोंगा में लगभग 125 घरों की बसाहट है, लेकिन यहां न तो सडक़ मार्ग है और न ही बिजली है। सडक़ न होने के कारण सरकारी कर्मचारी इन टोलों तक नहीं पहुंचते और गोप मुख्यालय में ही रहते हैं।

सरपंच व ग्रामीण उठा चुका है मुद्दा

सरपंच सियाबतीनर्रे ने बताया कि वर्ष 2016 से ग्राम सभा के माध्यम से मुख्यमंत्री, कलेक्टर और विधायक को कई बार प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीण अनिल मलगाम, अंजू लाल नर्रे, दिनेश मलगाम, सुपालनर्रे के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले दिनबती पति हरिलाल नर्रे और रेखा पति सुखलाल को भी प्रसव पीड़ा के दौरान डोली में लादकर ही दमुआ लाया गया था। समय पर इलाज न मिलने और सुविधाओं के अभाव के कारण गांव की कविता मलगाम, गौरा वरकडे और मनवतीनर्रे की पहले मौत भी हो चुकी है।

इनका कहना है।

ग्राम पंचायत गोप के मजरे टोले चीटीपाठाजामुनडोगा में सडक़ में निजी व वन भूमि आ रही है जिसके कारण सडक़ का निर्माण नहीं हो पाया है। बुधवार को गोप में शिविर के दौरान सडक़ संबंधित शिकायत आई थी जिसको लेकर ग्रामीणों से चर्चा की गई है। प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तहत विभाग ने सर्वे भी किया है। ग्रामीणों को कहा गया है कि वह शासन के पक्ष में रजिस्ट्री कर भूमि शासन को दे सकते है जिससे सडक़ का निर्माण किया जा सकता है।

रश्मि चौहान, सीईओ, जनपद पंचायत जुन्नारदेव, छिंदवाड़ा।

- सूचना पर गोप पंचायत तक 108 एंबुलेंस पहुंची थी लेकिन आगे सडक़ नहीं होने के कारण वाहन आगे नहीं जा पाया है। गोप से महिला को दमुआ अस्पताल पहुंचाया गया था। वहीं ग्राम झारिया से भी एक गर्भवती महिला को बुधवार को दमुआ अस्पताल में पहुंचाया गया था। सडक़ खराब होने के कारण कई स्थानों पर 108 एंबुलेंस पहुंच नहीं पाती है।

प्रभजोत भारद्वाज, जिला मैनेजर, 108 सेवा, छिंदवाड़ा।

Updated on:
22 Aug 2026 08:33 pm
Published on:
22 Aug 2026 08:33 pm