
छिंदवाड़ा। जिले में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर अब आरएफ (रेडियो फ्रिक्वेंसी) टैग लगाना अनिवार्य होगा। सात अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहन मालिकों व ठेकेदारों को नई व्यवस्था अपनाने के निर्देश जारी किए गए है। यह नया प्रयोग खनिज का अवैध परिवहन करने वाले वाहनों के द्वारा ई-चेक गेट से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने पर विराम लगाने को किया गया है। हालांकि शासन के आदेश से रेत व खनिज माफियाओं में जरुरहडक़ंपमच गया है। विभाग इस नियम को सख्ती से पालन एक महीने में कराएंगा।
कई बार वाहन चालक नंबर प्लेट पर मिट्टी व गोबर लगा लेते हैं। कोई नंबर प्लेट बदलकर खनिज विभाग व किसी अधिकारी के वाहन का डुप्लीकेट नंबर लगा लेता था तो कई वाहन चालक नंबर प्लेट ही निकाल देते हैं। इससे ई-चेक गेट पर खनिज का अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान मुश्किल हो गई थी। इस आरएफ टैग के लगने से अगर वाहन की नंबर प्लेट टूटी भी होगी तो वाहन की पूरी जानकारी टैग से मिल जाएगी। अगर टैग लगने के बाद उसे क्षतिग्रस्त किया जाता है तो उस वाहन का खनिज का परिवहन प्रतिबंधित कर ई-खनिज पोर्टल का पंजीयन निरस्त किया जाएगा।
आरएफ आईडी जिस वाहन के नाम जनरेट होगा उसमें खनिज लोड होने के दौरान ईटीपी जनरेट होगी तो आरएफ आईडी और ईटीपी आपस में लिंक्ड रहेगी। ई-चेक गेट पर आरएफ आईडी, खनिज की मात्रा व प्रकार स्कैन होते ही डाटा भोपाल कंट्रोल रूम जाएगा। वाहन में भिन्नता पाए जाने पर जुर्माना तय होगा।
एक वर्ष पूर्व खनिज विभाग ने आदेश जारी कर प्रदेश के 40 जिलों में ई-चेक गेट लगाए गए है। जिसमें से छिंदवाड़ा में जुन्नारदेव तथा शहर में नागपुर मार्ग पर ईमलीखेड़ाकुलबहरा नदी के समीप मुख्य सडक़ पर ई-चेक गेट बना हुआ है। विभाग आने वाले समय में इस नई व्यवस्था के तहत जिले भर में अवैध खनिज परिवहन को रोकने के लिए कई स्थानों पर ई-चेक गेट लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगा।
विभाग के आदेश के बाद अभी आरएफ टैग के बिना खनिज का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। रजिस्टर्ड वाहनों पर यह टैग लगाया जाएगा। ई चेक गेट से निकलने पर ऐसे वाहन पकड़ में आएंगे जो नियमों को तोड़ संचालित हो रहे है।