
MP Budget 2025: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार आज (12 मार्च) विधानसभा में बजट पेश करेगी। इस बजट से छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले को बड़ी उम्मीदें हैं, खासकर सड़कों, पुलों, विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और नगर निगम के विकास कार्यों को लेकर। जनमानस की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार इन इलाकों को कितनी सौगातें देती है।
छिंदवाड़ा नगर निगम लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पिछले तीन सालों से 48 वार्डों में सड़क, पुल-पुलिया और नालियों का निर्माण नहीं हो सका है। महापौर विक्रम आहाके कई बार मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के समक्ष 130 करोड़ रुपये की मांग रख चुके हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। चुंगी क्षतिपूर्ति राशि की कटौती से भी स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
शहर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बजट के अभाव में अधर में लटके हैं—
ग्रामीण इलाकों में पंचायतों को लंबे समय से बजट नहीं मिला है, जिससे विकास कार्य ठप हैं। संबल योजना के हितग्राहियों को भी आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है।
1.ई-चार्जिंग सेंटर और इंटर स्टेट बस स्टैंड बनाकर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन।
बीते कुछ वर्षों में छिंदवाड़ा को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अनदेखी का सामना करना पड़ा है। अगर इस बजट में जिले को समुचित राशि नहीं मिलती, तो विकास की गति ठप रह सकती है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार इस बार छिंदवाड़ा को क्या सौगात देती है और कितनी उम्मीदों को पूरा करती है।