
छिंदवाड़ा/ जिले में हर साल बारिश के दौरान 122 ग्रामों और सात शहरी क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका रहती है। इसके अलावा छोटे और बड़े 128 बांध व तालाब हैं, जिनमें माचागोरा, कन्हरगांव और तोतलाडोह बांध शामिल हैं, इनमें बाढ़ व अतिवृष्टि के प्रबंधन के सुदृढ़ीकरण के लिए कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने सोमवार को बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक ली।
कलेक्टर ने कहा कि अत्यधिक वर्षा और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना बाढ़ के प्रमुख कारणों में से है। ऐसी नदियां जिसमें जल स्तर बढऩे पर बाढ़ आती है या बाढ़ की आशंका रहती है, तो इसकी चेतावनी जारी करने के साथ ही खतरे के जल स्तर का चिह्नांकन कर बाढ़ आपदा नियंत्रण में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष तैयार करने, प्राकृतिक जलाशय एवं जल निकासी के लिए नालियों की सफाई करने, जलाशयों के किनारे से अतिक्रमण हटाने, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण करने, बाढ़ पूर्व सूचना की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। जिला कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी अधीक्षक भू-अभिलेख स्मृति खंडेलवाल को बनाया गया है जिनका फोन नंबर 07162-243423 व मोबाइल नंबर 9131476077 है। इसी प्रकार तहसीलस्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए गए हंै।
रोजगार सेतु का शुभारम्भ करेंगे सीएम
कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि 10 जून को रोजगार सेतु पोर्टल का सीएम शुभारम्भ करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस भी शासकीय और गैर शासकीय संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों, कारखानों आदि में रोजगार उपलब्ध होता है, रोजगार सेतु पोर्टल पर सभी ठेकेदारों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, जिससे प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध हो सके। जिलास्तरीय छानबीन समिति के माध्यम से 50 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले अथवा 20 साल की सेवा पूर्ण करने वाले शासकीय सेवकों की छानबीन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
पटवारियों की सीआर ऑनलाइन
सभी पटवारियों की सीआर अब ऑनलाइन भरी जाएगी। पटवारी इसे भरकर रिपोर्टिंग अथॉरिटी के पास पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने छह महीने से एलपीसी नहीं भेजने पर सम्बंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा।