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छिंदवाड़ा। मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 28 जुलाई को 40 वर्षीय रिंकू निवासी परासिया छिंदवाड़ा की अग्नाशय में बनी विशाल पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट का सफल ऑपरेशन किया गया। इस दौरान लगभग तीन लीटर सिस्टिक द्रव बाहर निकाला गया, जिससे मरीज को नई जिंदगी मिली। रिंकू पिछले कई सप्ताह से पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द, भारीपन, खाना खाने के बाद उल्टी, भूख न लगना और पेट में बढ़ती सूजन से परेशान था। परिजनों ने स्थानीय स्तर पर और निजी अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन राहत नहीं मिली। लगातार बढ़ती परेशानी के कारण परिजन उसे छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग लेकर पहुंचे थे।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के बाद सीटी स्कैन में अग्न्याशय के पास अत्यधिक बड़ी पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट पाई गई, जो आसपास के अंगों पर दबाव डाल रही थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय किया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लैप्रोटॉमी विद सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की और सिस्ट से लगभग तीन लीटर द्रव निकालकर सिस्ट व पेट के बीच स्थायी आंतरिक मार्ग बनाया। मरीज की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सीय निगरानी में स्वस्थ हो रहा है।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ महेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में डॉ भूपेश कुशराम, डॉ एनआर ढाकरिया, डॉ सीएस दुबे, डॉ साहू और डॉ अनुज जैन ने यह जटिल ऑपरेशन संपन्न किया। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ अश्विनी पटेल, डॉ सोनाली त्रिपाठी और डॉ अंशुल जैन ने मरीज की सुरक्षित बेहोशी और जीवनरक्षक निगरानी सुनिश्चित की। सिम्स मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ अभय सिन्हा ने ऑपरेशन के लिए आवश्यक चिकित्सा सामग्री समय पर उपलब्ध कराई थी।
Updated on:
01 Aug 2026 12:31 pm
Published on:
01 Aug 2026 12:31 pm
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