छिंदवाड़ा

Gotmar Mela:अनोखा मेला, प्रेमियों की याद में होती है पत्थरों की बारिश, पानी के साथ बहता है खून

- नहीं टूट सका झण्डा, संघर्ष में 600 से ज्यादा घायल, 13 गंभीर - देर शाम तक पत्थरबाजी: आठ गंभीर रूप से घायलों को नागपुर किया गया रैफर

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गोटमार मेला के दौरान झण्डा उतारने का प्रयास करते पांढुर्ना पक्ष के खिलाड़ी।

जिला बनने के बाद पांढुर्ना शहर के जाम नदी के तट पर पहली गोटमार में जमकर खून बहा। पांढुर्ना और सांवरगंाव दोनों पक्षों ने मंगलवार को एक दूसरे पर खूब पत्थर बरसाए। दिनभर पांढुर्ना पक्ष झण्डा तोडऩे के लिए तो सांवरगांव पक्ष उन्हें रोकने के लिए संघर्ष करता रहा। खूनी संघर्ष में 600 से अधिक लोग घायल हो गए, वहीं 13 लोगों को गंभीर चोटें लगी है। घायलों में पांच को आंख पर चोंट आई है, जिनमें दो श्रावण निकाजु गायत्री कॉलोनी और अन्य व्यक्ति को गंभीर चोट लगी है।
मारूड निवासी मुकेश सेंबेकर (35) को सिर, जगदीश डाबरे (24) निवासी गुजरी बाजार को पसली, विक्की बालपांडे (21) खारी वार्ड को सीने पर और शुभम संजय शेंडे (29) निवासी नागपुर को खेल देखते समय पत्थर लगने से पैर में फ्रेक्चर हो गया है। चंडी माता मंदिर समिति के मनोज गुडधे को नाक पर, भवानी वार्ड निवासी कैलाश घोड़े (35) को पैर, धनराज नामदेव गावने निवासी आंबेडकर वार्ड को झण्डी लगाने के दौरान कान पर पत्थर लगने से चोंट लगी है। इनमें से 8 घायलों को नागपुर रैफर किया गया है।
मेले में झण्डा तोडऩे उतरे पांढुर्ना पक्ष ने दोपहर 3.15 बजे से 4 बजे तक नदी में जमकर संघर्ष किया। पांच से सात खिलाडिय़ों ने हाथों में लकड़ी और टीन चादर की मदद से खुद बचाते झण्डे पर कुल्हाड़ी से वार किए।
इस दौरान सांवरगांव पक्ष भी जमकर पथराव करता रहा। देर तक कुल्हाड़ी से झण्डा तोडऩे की कोशिश की परंतु सांवरगांव पक्ष ने ऐसा होने नहीं दिया। अंधेरा होने के बाद भी सांवरगांव पक्ष नदी से झण्डा नहीं लेकर जाने दे रहे थे।
गोटमार खेल के दौरान देखने वाले भी खूब घायल हुए। राम धक्के पास से गोटमार देख रही एक वृद्ध महिला को सिर पर पत्थर लग गया। वहीं कई युवकों के पत्थरबाजी को देखने के चलते घायल होने की जानकारी मिली।

सामंजस्य के बाद जाम नदी से झण्डा निकालकर चंडी माता को किया भेंट

प्रशासन और पांढुर्ना पक्ष के प्रयास के बाद रात करीब 9 बजे पांढुर्ना -सांवरगांव के बीच सामंजस्य स्थापित होने के बाद सांवरगांव पक्ष ने नदी से झण्डा निकालकर चंडी माता मंदिर में रखा। जिसके उपरांत आरती हुई एवं प्रसाद का वितरण किया। जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। विधायक नीलेश उइके ने परम्परा निभाते हुए जाम नदी तट पर पहुंचकर गोटमार खेली। उनके साथ नगर कांग्रेस अध्यक्ष जयंत घोड़े और अन्य साथी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर-एसपी ने भवन से देखा गोटमार मेला

कलेक्टर अजय देव शर्मा, एसपी सुंदर सिंह कनेश, अपर कलेक्टर नीलमणी अग्निहोत्री, एडीशनल एसपी नीरज सोनी, एसडीएम नेहा सोनी सहित अधिकारियों ने पांढुरंग इरस्कर के मकान पर बनी दर्शक दीर्घा में बैठकर दिन भर गोटमार देखी। कभी दूरबीन तो कभी लाइव खेल को देखते अधिकारी नजर आए।

Published on:
04 Sept 2024 11:03 am
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