
छिंदवाड़ा . जिला अस्पताल के गायनिक और सर्जिकल विभाग मेें भर्ती प्रसूताओं तथा सर्जिकल मरीजों को सर्दी के मौसम में भीपानी व दूध ठंडा ही दिया जाता है। जबकि डॉक्टर गर्म दूध और पानी की सलाह देते हैं। इसी वजह से अटेंडर या परिजन इसे गर्म करने के लिए यहां-वहां भटकते रहते हैं। इसके लिए उन्हें कई बार पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। बताया जाता है कि डिलेवरी के बाद प्रसूताओं को ज्यादातर खाद्य पदार्थ तथा पोष्टिक आहार गर्म दिया जाना चाहिए। मौसम को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए।
जिला अस्पताल... बदइंतजामी से मरीज परेशान, परिजन ने बताया डॉक्टर देते हैं सलाह पर नहीं मिलती सुविधा
प्रसूताओं को नहीं मिलता गर्म पानी और दूध
प्रतिदिन ३० से ४० डिलेवरी
जिला अस्पताल में प्रतिदिन ३०-४० डिलेवरी होती है। इसमें करीब ७० फीसदी ही सामान्य जबकि शेष सीजेरियन होती हैं। जबकि प्रतिदिन १०० से १५० मरीज भर्ती होते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज दूर दराज के होते हैं। सर्दी के मौसम में यह अतिरिक्त व्यवस्था होने से मरीजों को उचित लाभ मिल सकेगा।
डॉक्टर ने कहा गर्म पानी देना
मेरे बेटे का हार्निया का ऑपरेशन हुआ है। डॉक्टर ने गर्म पानी के उपयोग की सलाह दी है, लेकिन अस्पताल में व्यवस्था न होने से दिक्कत होती है।
निर्मला, अटेंडर, पांढुर्ना निवासी
मिलता है ठंडा दूध और पानी
अस्पताल में सर्दी के मौसम में भी ठंडा दूध और पानी मिलता है। पौष्टिक आहार भी गर्म करके लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन यहां सुविधा नहीं है।
आशा सनोडिया, अटेंडर, सिवनी निवासी
प्रसूताओं का गर्म पानी पीना भ्रांति है, ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें पानी उबालकर पीने के लिए कहा जाता है। हालांकि गर्म दूध उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था बनाई जा सकती है। इसके लिए चर्चा की जाएगी।
डॉ. सुशील दुबे, आरएमओ, जिला अस्पताल