अभी भी पिकअप एवं ट्रकों में भरकर पहुंच रहा मक्का
मंडी में जगह नहीं हैं। इसके कारण छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ की पहल पर एक बार फिर खुली ट्रॉली में कृषि उपज की नीलामी की तैयारी की गई। सोमवार से इसे अमलीजामा पहनाया गया, लेकिन यह योजना एक बार फिर असफल हो गई। मंडी में आने वाले किसान और छोटे व्यापारियों की अभी भी पहली पसंद पिकअप एवं ट्रक हैं। इसमें वह बोरियों में भरकर मंडी पहुंच रहे हैं। सोमवार से बुधवार तक दो-तीन ट्रॉलियों को छोडकऱ बाकी सभी पिकअप वाहन से ही उपज लेकर पहुंचे। मंडी सचिव सुरेश कुमार परते ने बताया कि ट्रॉलियों में मक्का लेकर किसान पहुंच ही नहीं रहे हैं, इससे पहले की तरह नीलामी हो रही है।
मंडी में मक्का की बंपर आवक है। स्थानीय व दूर दराज के भी व्यापारियों की रुचि मंडी में है, लेकिन मंडी में कृषि उपज की खरीदी होने के बाद समय पर उठाव न होने के कारण जगह की समस्या बनी हुई है। ऐसे में इस समस्या के निदान के रूप में खुली ट्रॉली में नीलामी का प्रस्ताव रखा था। ट्रॉली में नीलामी के बाद व्यापारी के गोदाम में जाकर किसान के समक्ष तौल हो जाती और मंडी परिसर में जगह बन जाती। कृषि उपज मंडी में एक छोटे व्यापारी के लाए हुए पिकअप में कई अलग-अलग किसानों की उपज शामिल होती है। इस कारण मंडी में लाकर वह प्रांगण अथवा शेड में ढेर करके पाला खंजर करवाता है, ताकि उसकी उपज का एक सा ढेर हो जाए और नीलामी के दौरान उसे परेशानी न हो। साथ ही पिकअप या ट्रॉली में खुली उपज लाने की तुलना में बोरियों से लाने पर अधिक उपज का परिवहन हो जाता है। इस कारण छोटे व्यापारी ज्यादातर मंडी में ढेर करके बेचना पसंद करते हैं।
खुली ट्रॉलियों में नीलामी को प्रोत्साहित करने के लिए सबसे पहले उन ट्रॉलियों में भरे मक्का की ही नीलामी करने की योजना थी। लेकिन दो चार ट्रॉलियों के अलावा अन्य किसान या व्यापारी पिकअप वाहन में ही मक्का लेकर पहुंच रहे हैं। समय पर उठाव भी नहीं होने से जगह की कमी तो है ही, यदि मंडी प्रबंधन स्थान किसी भी तरह की कार्रवाई करता है तो छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ व्यवस्था बनाने के लिए प्रबंधन के साथ है।
प्रतीक शुक्ला, अध्यक्ष छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ