- पिछले सत्र की अपेक्षा इस बार सात करोड़ रुपए आमदनी हुई कम
कृषि उपज मंडी कुसमेली ए ग्रेड मंडियों में शुमार है। अक्सर यहां हर साल आवक एवं आमदनी में इजाफा होता है, लेकिन गत सत्र की तुलना में इस बार मंडी की आमदनी घटी है। बताया जा रहा है कि इसका कारण अक्टूबर 2023 में मंडी टैक्स में कमी करना है। उल्लेखनीय है कि गत सत्र 2022-23 में कुसमेली मंडी की आय 24 करोड़ दर्ज हुई थी, जबकि इस सत्र 2023-24 में आय 17 करोड़ 20 लाख रुपए रह गई। इसका असर मंडी में हो रहे निर्माण कार्यों एवं अन्य खर्चों पर भी पड़ सकता है।
कुमसेली मंडी में पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही में अधिक कमाई हुई। अप्रेल से सितंबर तक डेढ़ फीसद टैक्स रहने के बावजूद गेहूं, मक्का की आवक कम रहने के कारण करीब छह करोड़ 39 लाख रुपए आमदनी हुई। दूसरे छमाही, अक्टूबर से मार्च 2024 तक मक्का की आवक बंपर होने के कारण एक फीसद टैक्स हो जाने के बावजूद आमदनी 10 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक रही।
मंडी से मिले आकड़ों की माने तो सबसे अधिक आवक दिसंबर 2023 में हुई। 14 लाख क्विंटल की आवक होने के बाद मंडी को टैक्स से करीब सवा तीन करोड़ रुपए की आमदनी हुई। वहीं सितंबर में करीब 50 हजार क्विंटल की आवक होने से शुल्क 23 लाख रुपए में ही सिमट गया। हालांकि सितम्बर तक मंडी में टैक्स का स्लैब डेढ़ रुपए प्रति सैकड़ा ही था। टैक्स का स्लैब छह अक्टूबर 2023 से एक रुपए प्रति सैकड़ा राज्य शासन ने कर दिया। इस दौरान मक्का की आवक शुरू हो जाती है। इसके चलते नवम्बर में करीब सवा दो करोड़ एवं दिसंबर में सवा तीन करोड़ रुपए की आमदनी हो गई।