- लागत कम, मुनाफा ज्यादा - उपसंचालक कृषि ने किया निरीक्षण
ग्रीष्मकालीन कद्दू की खेती पूरे जिले में हो रही है। हर किसान को प्रति एकड़ एक लाख रुपए की आय हो रही है। ग्राम झिरलिंगा में इस फसल का निरीक्षण उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने किया।
जिले का एक मात्र ऐसा ग्राम झिरलिंगा है, जहां हर किसान ग्रीष्मकालीन कद्दू लगाता है। इस ग्राम के किसान नरेश ठाकुर सरपंच, इन्द्रसेन ठाकुर, हरीश ठाकुर, रायेसिंग ठाकुर, बृजकुमार ठाकुर, नेकराम साहू, लक्ष्मण ठाकुर, कैलाश ठाकुर, कुबेर ठाकुर के साथ इस ग्राम के शतप्रतिषत किसान कद्दू फसल की खेती कर रहे हैं। ग्राम के लगभग 400 किसानों ने लगभग 500 एकड़ में कददू फसल लगाई गई थी। प्रति एकड़ 10 टन उत्पादन के मान से कम से कम एक लाख रुपए प्रति एकड़ का शुद्ध लाभ किसानों ने प्राप्त किया हैं। प्रति किलो 13-14 रुपए के मान से व्यापारी किसान के खेत से ही उठाकर ले जा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन कद्दू की बोनी होली के बाद रामनवमी तक की जाती है। किसान बिना कीटनाशक दवा के देशी कददू के बीज स्वयं तैयार कर बोनी करते हैं, जिससे किसानों को लागत कम आती है एवं मुनाफा अधिक होता हैं।
छिंदवाड़ा जिले के लगभग 20-25 ग्रामों मे 2000 एकड़ में कद्दू की खेती की जा रही हैं। उप संचालक कृषि से चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि अधिकतम कददू का वजन लगभग 65 किलोग्राम एवं औसतन 20-25 किलोग्राम होता है। जिले मे कद्दू का टर्नओवर लगभग 20 करोड़ रुपए हैं। यह कद्दू प्रदेश के साथ साथ अन्य प्रदेश बिहार, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र व तेलंगाना आदि प्रदेश में जा रहा हैं।