एक रुपए में ढाई किलो टमाटर 

टमाटर को बाजार में भाव नहीं मिल रहा है, थोक में एक रुपए में ढाई किलो बिक रहा है
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Jan 16, 2017
 Tomatoes disappear from the largest producing dis
Tomatoes disappear from the largest producing district

छिंदवाड़ा
. सर्द मौसम की मार सब्जी फसल पर देखी जा रही है। इसके बावजूद इस सप्ताह टमाटर को बाजार में भाव नहीं मिल रहा है। हालांकि अन्य हरी सब्जियों के भाव में पंाच से दस रुपए की तेजी आई।

हालांकि अब भी सब्जियां घरेलू बजट में हैं। व्यापारी मानते हैं कि यदि तापमान में गिरावट बनी रही और पाला पड़ा तो सब्जियों के भाव में भारी उछाल आ सकता है।

हरा मटर पिछले रविवार को थोक में सात रुपए प्रतिकिलो और चिल्लर में दस रुपए किलो था। इस सप्ताह थोक में 13 से 15 रुपए और चिल्लर में 20 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया। इसी तरह आलू के भाव आठ रुपए से बढ़कर थोक में 10 से 12 रुपए और चिल्लर में 15 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए हैं। हरी सब्जी में फर्रास, बरबटी, गिलकी, हरी मिर्च थोक में 20 रुपए और चिल्लर में 30 रुपए प्रति किलो तक बिकी।

थोक सब्जी व्यापारी श्याम, राकेश बाबा का कहना है कि पिछले तीन-चार दिनों से तापमान कम होने से फर्रास, बरबटी, गिलकी समेत अन्य सब्जी फसलों पर प्रभाव पड़ा है। इनकी आवक कम हुई है। जिसकी वजह से भाव तेज हुए हैं।


20 से 10 रुपए प्रति कैरेट पहुंचा टमाटर


पिछले सप्ताह नगर की गुरैया थोक सब्जी मंडी में 20 से 25 रुपए प्रति कैरेट टमाटर बिका था। इस सप्ताह टमाटर 10 रुपए प्रति कैरेट बिका। जिसकी प्रति किलो कीमत 30 से 40 पैसे प्रति किलो तक आंकी जा सकती है। हालंाकि चिल्लर बाजार में अब भी तीन से पांच रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। टमाटर की कीमत कम होने की वजह बम्पर उत्पादन और उठाव न होना माना जा रहा है।
Published on:
16 Jan 2017 12:59 am