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ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन, बंदर अब्बास में बनाया निशाना

Iran-US Conflict: अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरानी सेना ने अमेरिकी सेना को झटका देते हुए एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराया है।
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भारत

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Tanay Mishra

Jul 16, 2026

Iran shoots down US drone

ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन (Photo - @MEC_Tracker)

ईरान (Iran) पर अमेरिका (United States of America) के हमले जारी हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सीज़फायर खत्म होने और शांति समझौता रद्द होने के बाद से ही अमेरिका ने ईरान पर हमले बढ़ा दिए। अमेरिकी सेना मिसाइलों और ड्रोन्स से ईरान पर हवाई हमले कर रही है। इसी बीच ईरानी सेना ने अमेरिकी सेना को एक झटका दिया है।

ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन

ईरानी मीडिया ने जानकारी दी है कि उनकी सेना ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। इस ड्रोन को बंदर अब्बास में निशाना बनाया गया और तबाह कर दिया गया। जानकारी के अनुसार यह एक लुकास (LUCAS) ड्रोन था। ईरान की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मोज़गान प्रांत में अमेरिकी सेना के 20 से ज़्यादा ड्रोन मार गिराए हैं।

क्या है लुकास ड्रोन?

LUCAS ड्रोन का पूरा नाम Low-cost Uncrewed Combat Attack System ड्रोन है। यह अमेरिकी सेना के लिए विकसित एक कम लागत वाला कामिकाज़े ड्रोन है, जो ईरान के Shahed-136 ड्रोन से रिवर्स इंजीनियरिंग के आधार पर बनाया गया है। SpektreWorks कंपनी द्वारा विकसित यह ड्रोन इसी साल पहली बार जंग में इस्तेमाल किया गे है। यह क्रूज मिसाइलों का सस्ता विकल्प है।

क्या है खासियत?

लुकास ड्रोन करीब 3 मीटर लंबा होता है और इसके विंग्स का फैलाव करीब 2.4 मीटर होता है। इसकी रेंज करीब 800 किलोमीटर होती है। यह ड्रोन करीब 6 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह कामिकाज़े ड्रोन करीब 18 किलोग्राम तक विस्फोटक लेकर उड़ान भर सकता है। इसे कैटापल्ट, रॉकेट असिस्टेड या किसी जेट या व्हीकल से लॉन्च किया जा सकता है। इसका नेविगेशन स्वायत्त होता है और इसे सैटेलाइट इंटरनेट से कनेक्ट किया जा सकता है। आधुनिक युद्ध में यह ड्रोन स्वार्म और कम लागत वाले हमलों का नया मॉडल पेश करता है और प्रभावी हमले करने की क्षमता रखता है।

कितनी है लागत?

इस ड्रोन की लागत करीब 35 हज़ार डॉलर है, जिसकी भारतीय करेंसी में वैल्यू करीब 33 लाख 68 हज़ार रूपए है। MQ-9 Reaper कॉम्बैट ड्रोन, टॉमहॉक मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें और क्रूज़ मिसाइलों की तुलना में यह काफी सस्ता है।