लगभग एक माह बाद यहां के अस्पताल में फि र से नसबंदी ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। 21 फरवरी से बंद ओटी का ताला 20 मार्च को खुला। पत्रिका में मंगलवार को ही ओटी अटेंडर नहीं, एक माह से बंद है नसबंदी ऑपरेशन समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग चेता।
छिंदवाड़ा/पांढुर्ना .लगभग एक माह बाद यहां के अस्पताल में फि र से नसबंदी ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। 21 फरवरी से बंद ओटी का ताला 20 मार्च को खुला। पत्रिका में मंगलवार को ही ओटी अटेंडर नहीं, एक माह से बंद है नसबंदी ऑपरेशन समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग चेता। एलएचवी सुपरवाइजर चांगोना गजभिए को ओटी अटेंडर की जिम्मेदारी सौंपी गई। बुधवार को 42 महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन हुए। इससे पहले तक ऑपरेशन के लिए हितग्राही अस्पताल के चक्कर काट रहे थे। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे थे। समाचार प्रकाशित होते ही बीएमओ डॉ दिपेन्द्र सलामे ने गजभिए को ओटी की जिम्मेदारी सौंप कर ऑपरेशन शुरू कराए। उल्लेखनी य है कि इससे पहले 21 फरवरी को 40 महिलाओं का शिविर लगाकर ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद से ऑपरेशन थियेटर पर लगा ताला नहीं खुला। इसकी मुख्य वजह ओटी अटेंडर का नहीं होना था। 29 फरवरी को ओटी अटेंडर एस नागो सेवानिवृत्त हो गऐ। खास बात यह है कि इसी दिन कर्मचारी सडक़ दुर्घटना का शिकार हो गए। सेवानिवृत्ति के बाद भी इनकी सेवा नहीं ले पा रहे है। विकासखंड को साल भर में 1034 ऑपरेशन कराने का लक्ष्य प्राप्त है। इस लक्ष्य की पुर्ति करने के लिए अभी 273 नसबंदी ऑपरेशन होना शेष है।