बटकाखापा थाना अंतर्गत ग्राम धननवाड़ी निवासी रतनलाल पिता विष्णु विगत दो साल से पैर में इंफेक्शन के दर्द से जूझ रहा है। इस दौरान कई बार पीडि़त जिला अस्पताल उपचार के लिए भी आया, लेकिन उचित उपचार नहीं किया गया। समय के साथ-साथ पीडि़त की स्थिति ओर गम्भीर हो गई है। एक पैर ने काम करना बंद कर दिया है। असहनीय दर्द होने के कारण शुक्रवार को ग्रामीणों ने उसे जिला अस्पताल लाया। जहां दिनभर वह ट्रामा यूनिट के सामने बैठा रहा, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी या डॉक्टर ने उसकी सूध लेने की कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं मरीजों की सहायता के लिए बनाए गए सहायता केंद्र के द्वारा भी उनकी कोई मदद नहीं की गई।
ट्रामा यूनिट के पास गंदगी के बीच बैठे रतनलाल से जब पूछा गया तो उसने बताया कि उसके पैर में जांघ के पास एक घाव हो गया था। जिसका इलाज वह दो साल से करवा रहा है, लेकिन आराम नहीं लगा। इंफेक्शन बढऩे से उसके पैर में सूजन भी आ गई है तथा पैर ने काम करना भी बंद कर दिया है। परिवार में कोई नहीं होने से गांव के लोगों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया है।
आदिवासी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण तथा पीडि़त को अस्पताल लाने वाले भागलाल, बिद्दू तथा शक्कर शाह ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि अस्पताल में इलाज के लिए कहा एवं किस डॉक्टर के पास जाना है तथा किसी ने उन्हें बताया भी नहीं, जिसके कारण वे दिनभर से अस्पताल में भटक रहे हैं।