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Dausa: शीतल मीणा मौत मामले में नया मोड़, आरोप लगने के बाद मनोज ने की खुदकुशी, पुलिस को मिला सुसाइड नोट

दौसा जिले के सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के एक दिन बाद उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने भी फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
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दौसा

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Anil Prajapat

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Updated: 12 Jun 2026, 11:07 AM IST

Sheetal Meena and Manoj Meena

शीतल मीणा और मनोज मीणा। फोटो: पत्रिका

दौसा। दौसा जिले के सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के एक दिन बाद उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने भी फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सिंदुकी निवासी मनोज मीणा का शव शुक्रवार सुबह महवा स्थित आवास पर फंदे से लटका मिला। बता दें कि उपकोष अधिकारी मनोज मीणा पर शीतल मीणा को प्रताड़ित करने तथा किसी पेय पदार्थ में जहर देने का आरोप लगा था। जिसके चलते वह डिप्रेशन में था।

सूचना मिलते ही महवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर दौसा के जिला अस्पताल महवा की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। मनोज मीणा ने अपने पिता के नाम लिखे सुसाइड नोट में भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा और सोनू मीणा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सोनू मीणा शीतल का भाई है और अरुण मीणा रिश्तेदार है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

मृतक के पिता ने बताया कि शीतल मीणा के परिजनों ने उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा गुरुवार को मनोज मीणा से मिलने आया था। इस दौरान धमकाया भी था। जिसके चलते बेटा मनोज मीणा डिप्रेशन में था और उसने देर रात महवा स्थित घर पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

मनोज मीणा ने क्यों उठाया ऐसा कदम

सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बुधवार शाम कार्यालय में ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ने के बाद शीतल को उप जिला अस्पताल लाया गया था। जहां से गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया था। जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस पर मृतका के भाई मोहनलाल मीणा निवासी कैलाई ने मानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उपकोष अधिकारी मनोज मीणा एवं कार्यालय स्टाफ पर कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा (25) को प्रताड़ित करने तथा किसी पेय पदार्थ में जहर देने का आरोप लगाया था।

मोबाइल पर कर रही थी बात

जबकि उपकोष अधिकारी मनोज मीणा का कहना था कि कार्यालय का उच्च अधिकारियों की ओर से निरीक्षण किया जा रहा था और निरीक्षण टीम भी कार्यालय में मौजूद थी। शीतल मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रही थी और कार्यालय में घूम रही थीं। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ गई तो वह कार्यालय की सीढ़ियाें पर आकर बैठ गई और पेट दर्द की शिकायत बताने लगी। जिसके बाद स्टाफ ने उसे तत्काल उप जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर रैफर कर दिया था। उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया था। हालांकि, एक दिन बाद ही मनोज मीणा ने खुदकुशी कर जान दे दी।

गीजगढ गई थी, उल्टियां भी हुई थी

पुलिस व स्टाफ ने बताया कि घटना वाले दिन शीतल मीणा किसी कार्य से गीजगढ़ भी गई थीं। गीजगढ़ से वापस कार्यालय लौटने के बाद वह कार्यालय में मौजूद थीं। इसी दौरान शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच उल्टियां होने लगीं। मौके पर मृतका का टूटा हुआ मोबाइल फोन कार्यालय की टेबल पर पड़ा मिला, जबकि स्कूटी भी पूरी रात कार्यालय परिसर में ही खड़ी रही। मानपुर थाना अधिकारी सतीश मीणा ने बताया कि उपकोष कार्यालय में काफी समय से लगे सीसीटीवी का कैमरे भी बंद हैं। जनवरी 2025 में उपकोष कार्यालय में नियुक्त हुई शीतल मीणा की अभी शादी नहीं हुई थी। कार्यालय से घर भी मात्र 2 किलोमीटर की दूरी के करीब है। वह कैलाई गांव की रहने वाली थी।