साइबर से जुड़े अपराध की जांच के लिए जिले की पुलिस के पास आधुनिक उपकरणों का अभाव है। शिकायत तो प्रत्येक थाना में ली जाती है और पुलिस अपराध भी पंजीबद्ध करती है
छिंदवाड़ा. साइबर से जुड़े अपराध की जांच के लिए जिले की पुलिस के पास आधुनिक उपकरणों का अभाव है। शिकायत तो प्रत्येक थाना में ली जाती है और पुलिस अपराध भी पंजीबद्ध करती है, लेकिन मामलों की जांच पड़ताल के वक्त पुलिस असहाय हो जाती है। अभी तक साइबर सेल को लेकर विभागीय अधिकारियों ने भी कोई प्रयास नहीं किए हैं। दिन ब दिन बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए प्रशिक्षित पुलिसकर्मी और सामग्री की आवश्यकता महसूस की जा रही।
जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी के सैकड़ों प्रकरण लम्बित है। किसी भी मामले में अभी तक निराकरण नहीं हो पाया। पुलिस को आरोपित तक पहुंचने में पसीना छूट रहा है। पीडि़तों को फिर भी न्याय मिलने की उम्मीद है, लेकिन पुलिस भी उपकरणों और प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों के नहीं होने से जांच में पिछड़ जाती है। कुछ माह पहले ही प्रत्येक थाना स्तर पर साइबर से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक पुलिसकर्मी तैनात करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। वर्तमान में एसपी ऑफिस के एक कमरे से साइबर सेल चल रहा है। अलग से कोई बिल्डिंग इसके लिए नहीं बनाई गई।
सायबर क्राइम
धोखाधड़ी कर खाते और क्रेडिट कार्ड से रुपए ट्रांसफर करना। सोशल साइट पर अभ्रद टिप्पणी, अश्लील मैसेज और फर्जी आइडी बनाना। सोशल साइट पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो, फोटो और मैसेज करना। फोन पर क्रेडिट कार्ड का नंबर पूछकर ऑनलाइन शॉपिंग, इमेल एकाउंट हैक होना, मोबाइल फोन और कंप्यूटर से जुड़े सभी अपराध साइबर क्राइम में आते हैं।
अभी सिर्फ भोपाल में साइबर थाना
अभी मप्र में साइबर सेल का एकमात्र थाना भदभदा चौराहा भोपाल में ही है। बीते दो साल से सायबर क्राइम से जुड़े अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर सेल में हर रोज तकरीबन दर्जनभर से अधिक शिकायतें आती है। इससे साइबर सेल थाने पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है। प्रदेश में एकमात्र थाना होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।