छिंदवाड़ा. पाइंट ऑफ सेल मशीन में अंगूठा दबाओगे, तब आपको राशन दुकानदार अनाज, मिट्टी तेल समेत अन्य सामान देगा। यह नई व्यवस्था फरवरी माह से लागू कर दी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने 615 मशीनों का ऑर्डर बेंगलूरु की निजी कम्पनी को दिया है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के मुताबिक अब तक जिले की 615 राशन दुकानों में 3.51 लाख परिवारों को एक रुपए किलों गेहूं-चांवल तथा सस्ती दर पर केरोसिन समेत अन्य सामग्री पात्रता पर्ची के आधार पर उपलब्ध कराई जाती है। इस व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए राज्य शासन ने यह पीओएस मशीन सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हर उपभोक्ता की अंगूठे की रेखाएं मशीन में इंस्टाल की जाएगी, फिर उस उपभोक्ता के दुकान आने पर पहले वह मशीन में अंगूठा लगाएगा, फिर उसे राशन दिया जाएगा। इससे राशन दुकानों में होने वाले फर्जीवाड़ा से पूरी तरह अंकुश लग जाएगा।
पहले समग्र आईडी से शुरुआत
इस नए सिस्टम की शुरुआत उपभोक्ताओं की समग्र आईडी से होगी। पहले इसे आधार नम्बर से जोडऩा तय किया गया था लेकिन अभी तक पूरे लोग आधार नम्बर से नहीं जुड़ पाए हैं।
कम्पनी करेगी मशीनों की आपूर्ति
बैंगलौर की कम्पनी डीएसके को इन मशीनों का आर्डर दिया गया है। यह कम्पनी 615 मशीनें छिंदवाड़ा पहुंचाएंगी। इनके 27 जनवरी तक छिंदवाड़ा पहुंचने की आशा की जा
रही है।
मथुरा प्रसाद स्कूल में ट्रेनिंग
मथुरा प्रसाद स्कूल में इस मशीन उपयोग की ट्रेनिंग राशन दुकानों के सेल्समेनों को दी जाएगी। इसके लिए 27 जनवरी से 3 फरवरी तक का समय खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है।
इनका कहना है
राशन दुकानों में पीओएस सिस्टम से राशन वितरण की शुरुआत फरवरी माह से हो जाएगी। बैंगलौर से मशीनें बुलाई जा रही है। ट्रेनिंग के बाद इस सिस्टम को लागू कर दिया जाएगा।
डीके मिश्रा, प्रभारी खाद्य आपूर्ति अधिकारी