- अनियमित पेयजल सप्लाई से पानी भरने से चूक जाते हैं रहवासी
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत शहर के वार्ड क्रमांक 24 में किफायती 11 सौ से अधिक आवासों के लिए पेयजल सप्लाई की व्यवस्था अब वहां के रहवासियों को भारी पड़ रही है। खास तौर पर पानी सप्लाई के समय को लेकर लोगों काफी नाराज हैं।
लोगों ने बताया कि पानी सप्लाई का समय नियमित नहीं है। आमतौर पर सुबह चार बजे के आसपास पानी की सप्लाई की जाती है। उस समय काफी संख्या में लोग सोते रह जाते हैं। इसके अलावा यह समय भी निश्चित नहीं है। सुबह साढ़े 5 बजे, सुबह 8 बजे, सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर शाम का भी समय पानी सप्लाई के लिए बताया जाता है। कई बार इस तरह की अनियमित पेयजल सप्लाई के कारण तीन-चार मंजिल में रहने वाले लोगों को परेशानी हो जाती है। ज्यादातर लोग अपने घरों के लिए पीने का पानी नहीं भर पाते हैं।
1131 किफायती आवास 94 ब्लॉकों में बने हुए हैं। हर एक ब्लॉक में 12 फ्लैट हैं। इन 94 ब्लॉकों में 6-6 फ्लैट के लिए एक-एक वॉल्व अलग-अलग लगे हैं। एक बार टंकी से जुड़ी पेयजल सप्लाई लाइन खोलने के बाद इन 188 वॉल्वों को खोलना पड़ता है। 1131 टंकियां भरने के बाद जब बहने लगती हैं, उसके बाद छत के आउटलेट से भवन से नीचे पानी बहने पर वॉल्व मैन को उसे बंद भी करना पड़ता है। यदि समय पर बंद नहीं किया, तो भी काफी मात्रा में पानी बह जाता है।
सुबह चार बजे पानी की सप्लाई दी जाती है। उस दौरान काफी लोग गहरी नींद में होते हैं। वे पानी भरने से चूक जाते हैं। पेयजल सप्लाई का समय सुबह छह से नौ बजे का होना चाहिए। ब्लॉकवार समय फिक्स हो।
आकाश डेहरिया, रहवासी
जल आपूर्ति का समय निर्धारित नहीं है। इतने अधिक वॉल्व हैं कि कई बार वॉल्वमैन, वाल्व खोलना ही भूल जाता है। इससे पानी नहीं मिल पाता। शिकायत पर अगले दिन का कह दिया जाता है।
खुशबू, गृहिणी, किफायती आवास
शुरुआत के आवासों में पानी की सप्लाई हो जाती है। बाद वाले घरों को कई-कई दिन तक पानी नहीं मिलता। समय तय नहीं है। इसी वजह से हमें अपने यहां होने वाली सप्लाई की जानकारी नहीं मिलती।
कन्हैया यादव, रहवासी