हर उस सडक़ पर डामरीकरण किया जा रहा है जिससे सरकार के नुमाइंदों की गाडिय़ां गुजरने वाली हैं
छिंदवाड़ा/नागपुर. नागपुर शहर की अधिकांश सडक़ों पर गड्ढे हो रहे हैं। अब केवल उन सडक़ों की मरम्मत व पैचिंग का कार्य किया जा रहा जिस रास्ते ‘सरकार’ गुजरने वाली हैं।
दरअसल, 11 दिसंबर से विधानसभा का शीतसत्र शुरू हो रहा है। मुंबई से सरकार उपराजधानी पहुंचने वाली है। सरकार के स्वागत की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। हर उस सडक़ पर डामरीकरण कर चिकना किया जा रहा है जहां से सरकार के नुमाइंदों की गाडिय़ां गुजरने वाली हैं। एयरपोर्ट से लेकर रामगिरी तक, विधानभवन से लेकर रविभवन, नाग भवन, हैदराबाद हाउस, विधायक निवास तक की सभी सडक़ों पर पैचिंग वर्क तेजी से चल रहा है।
जनता की ओर ध्यान नहीं
दूसरी ओर शहर की अन्य अनेक सडक़ों की हालत खराब है और उसकी ओर संबंधित विभागों ने आंखें बंद कर रखी है। जिस जनता ने सरकार बनाई उसकी बिल्कुल चिंता नहीं की जा रही है। जनता के नसीब में शायद खराब सडक़ें ही लिखी हुई हैं। विकास कार्यों का हवाला देकर जनता को बताया जा रहा है कि ‘आज का दुख, कल का सुख’ शहर की जनता का सवाल यह है कि दुख केवल क्या जनता के हिस्से के लिए ही है। सरकार के मंत्रियों, नौकरशाहों को भी यहां की सडक़ों के झटके लगने दिए जाते तो उनकी भी समझ में आता। बारिश पूर्व जितनी भी सडक़ों का डामरीकरण किया गया था, उनमें से भी अधिकतर सडक़ें उखड़.सी गई हैं। चाहे वह मेडिकल चौक से तुकड़ोजी पुतला की ओर जाने वाली सडक़ हो या फिर तुकड़ोजी पुतला चौक से अजनी की ओर जाने वाली सडक़, धंतोली, रामदासपेठ की अंदरूनी सडक़ों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है।
आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं
सीताबर्डी में लोहापुल के नीचे से लेकर तो काटन मार्केट से स्टेशन के पूर्वीद्वार तक जाने वाली सडक़ों के गड्ढे तो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। मानस चौक की हालत खस्ता है। शहर के अन्य इलाकों में भी डामर रोड की हालत खस्ता है, लेकिन इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। मनपा द्वारा कई सडक़ों का सीमेंटीकरण प्रस्तावित है। सीमेंट रोड बनाने के चक्कर में जो मौजूदा डामर रोड है उसकी मरम्मत का काम भी नहीं किया जा रहा है। परिणाम यह हुआ है कि सडक़ें कई जगहों से उखड़ गईं हैं तो उनमें बड़े-बड़े गड्ढे तक हो गए हैं। कई सडक़ में एक ओर सीमेंट रोड का कार्य हुआ है तो दूसरी ओर शुरू ही नहीं किया जा रहा है। यह काम कब शुरू होगा, यह बताने वाला भी कोई नहीं है। कुछ सडक़ों को गिट्टी-मिट्टी डालकर गड्ढों को भरा गया था, लेकिन अब वह भी उखड़ गया है। रिंग रोड में भी जितना सीमंट रोड बना है, वहीं काम रुक गया है। जो डामर रोड हैं उसके गड्डों को भरने का काम किया गया है, लेकिन कई जगहों उसे भी छोड़ दिया गया है जिसे शहर के नागरिक ही भुगत रहे हैं।