छिंदवाड़ा

स्लीपर बसों में करना होगा नियमों का पालन, होगी जिले में संचालित बसों की जांच

छिंदवाड़ा. स्लीपर बसों में अन्य राज्यों में हुए हादसों के बाद अब परिवहन विभाग ने इन स्लीपर बसों की जांच का अभियान शुरू किया है। परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्लीपर बसों को निरीक्षण के लिए परिवहन कार्यालय प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए है। विभाग […]

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छिंदवाड़ा. स्लीपर बसों में अन्य राज्यों में हुए हादसों के बाद अब परिवहन विभाग ने इन स्लीपर बसों की जांच का अभियान शुरू किया है। परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्लीपर बसों को निरीक्षण के लिए परिवहन कार्यालय प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए है। विभाग सर्वप्रथम यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि सभी स्लीपर बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम (एफडीएसएस) लगा हुआ हो। इसके साथ ही नोटिस जारी कर यह कहा गया है कि जो गाइडलाइन जारी की गई है उसका पालन करें नहीं तो वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। बस मालिकों को नियमों का पालन कराते हुए बसों को जांच के लिए परिवहन कार्यालय ले जाना होगा।

स्लीपर बसों में नियमों की अवहेलना

जिन नियमों की बात परिवहन विभाग कर रहा है वह किसी भी स्लीपर बसों में पूरे होते नहीं दिखाई देते है। कई बसों की बॉडी में परिवर्तन दिखाई देता है, नागपुर से सागर व टीकमगढ़ चलने वाले स्लीपर बसों में तो बर्थ में स्लाइडर लगे हुए है तथा फायर डिटेक्शन सिस्टम नहीं लगा है। दिन व रात के समय छिंदवाड़ा से होकर चलने वाली व यहीं से चलने वाली बसों में लापरवाही देखी जा सकती है जिसे अब परिवहन विभाग तलाश करेगा तथा कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस जारी कर निर्देशों का पालन करने निर्देश

1 स्लीपर बसों में ड्राइवर पार्टीशन डोर को तुरंत हटा दिया जाए।

2 स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर तुरंत हटा दिए जाए।

3 फायर डिटेक्शन सिस्टम (एफडीएसएस) लगाने के लिए बस ऑपरेटरों को एक माह का समय।

4 सभी बसों में कम से कम 10 किलो क्षमता वाले अग्निशमन यंत्रों (ग्रीन जोन के) की जांच।

5 चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर निर्मित बस बॉडी को तुरंत परिचालन से हटा दिया जाए। एफडीएसएस में पंजीयन तत्काल कराया जाए।

6 स्लीपर बसों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन 22 फरवरी 2022 के आदेश के अनुसार ही किया जाए।

7 केवल स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही बसों का संचालन किया जाएगा।

8 किसी भी बस बॉडी के पंजीयन के समय आपातकालीन निकास द्वार, इमरजेंसी हैमर, अग्निशमन उपकरण आदि की उपलब्धता की जांच की जाएगी।

इनका कहना है।

परिवहन आयुक्त के निर्देश पर स्लीपर बसों का निरीक्षण कुछ बिंदुओं पर करना है। सभी को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर बसों को परिवहन कार्यालय लाकर जांच करानी है। तय गाइड लाइन के ही स्लीपर बसों का परिवहन किया जाएगा नहीं तो परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा।

अनुराग शुक्ला, एआरटीओ, छिंदवाड़ा।

Updated on:
25 Jan 2026 12:11 pm
Published on:
25 Jan 2026 12:08 pm
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