शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने निगम परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मंगलवार तक वेतन समस्या का हल न होने पर कामबंद हड़ताल की चेतावनी दी।
नगर निगम में फंड न होने से कर्मचारियों के वेतन की समस्या बरकरार है। अनुबंधित सफाई कर्मचारियों को दो माह से तनख्वाह नहीं मिली है तो वहीं विनियमित कर्मचारियों को एक माह का वेतन नहीं मिल पाया है। शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने निगम परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मंगलवार तक वेतन समस्या का हल न होने पर कामबंद हड़ताल की चेतावनी दी।
निगम सफाई कर्मचारियो के नेता जगदीश गोदरे ने धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि निगम कर्मचारियों का वेतन 9 हजार से 15 हजार रुपए तक है। ऊपर से वेतन समय पर न मिलने से बच्चों को फीस, लोन की ईएमआई भरने में परेशानी समेत अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि राज्य शासन से हर कर्मचारियों को हर माह एक तारीख को वेतन दिए जाने के निर्देश है। फिर भी नगर निगम पूरा नहीं कर पा रहा है। पार्षद चंदू देवरे ने भी इसका समर्थन किया। राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा के जिलाध्यक्ष हेमंत गोदरे ने कहा कि कमिश्नर के आने के बाद ही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की रणनीति बनाई जाएगी।
नगर निगम में कमिश्नर सीपी राय के अवकाश पर होने से कर्मचारी उनसे मिल नहीं पाए। लेखाधिकारी प्रमोद जोशी ने बताया कि नगर निगम को हर माह 1.97 करोड़ रुपए चुंगी क्षतिपूॢत राशि का प्रावधान है। इस माह 22 लाख रुपए चुंगी क्षतिपूर्ति राशि मिली। इससे वेतन में समस्या आ रही है। फिर भी अभी तक 1.75 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान 1.40 करोड़ रुपए का शेष है। जैसे-जैसे राशि आ रही है, भुगतान किया जा रहा है।
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