प्रायोगिक परीक्षण नवंबर माह में होगा शुरू
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा में सीवरेज परियोजना का कार्य तेज कर दिया है। परियोजना में 20 हजार 100 घरों को जोडऩे का लक्ष्य है। लक्ष्य के विरुद्ध 15 हजार से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। परियोजना की कुल लागत लगभग 237 करोड़ रुपए है। इस में 10 वर्षों का संधारण और संचालन भी शामिल है। मल-जल के उचित निस्तारण के लिए छिंदवाड़ा के सर्रा क्षेत्र में 28 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्मित किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। सीवरेज निस्तारण को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए 257 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाई गई है। स्थायी रोड रेस्टोरेशन का कार्य भी पूर्णता की ओर है।
नागरिकों को सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया है। एक और विशेषता यह भी है कि सीवरेज के शोधित जल का उपयोग बागवानी, अग्निशमन, और सिंचाई जैसे कार्यों में भी किया जाएगा। आगामी नवम्बर माह से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का प्रायोगिक परीक्षण शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ग्राम सारसवाड़ा में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर की फाइल नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में ही अटकी हुई है। इसके आगे नहीं बढ़ पाने से निगम अभी तक ले आउट डाल नहीं पाया है। नगर निगम के अधिकारियों को विभागीय अनुमति का इंतजार है।
पिछले दिनों मप्र नजूल भूमि निवर्तन निर्देश 2020 के अंतर्गत कलेक्टर और निगम आयुक्त के बीच ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भूमि स्वामी अधिकार अंतरण अभिलेख हस्ताक्षर हुआ था। इस अभिलेख के हस्ताक्षर होने से नगर पालिक निगम को प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर की भूमि सारसवाड़ा का 192760 वर्गमीटर एवं ग्राम माल्हनवाड़ा का 5790 वर्गमीटर क्षेत्र का भूस्वामी अधिकार मिल गया है। इसी स्थान पर अब ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जाएगा। इसके बाद निगम इंजीनियरों ने इसका नक्शा, लेआउट प्लान, मालिकाना अधिकार समेत अन्य रिकॉर्ड के साथ आवेदन नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में कर दिया है। अभी तक संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर न होने से मामला जस की तस है। संबंधित इंजीनियर इसकी राह देख रहे हैं।