छिंदवाड़ा

देखते-देखते छह कैलेंडर वर्ष बीत गए,लघु वनोपज का नहीं बढ़ा समर्थन मूल्य

सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी न के बराबर है। वन विभाग की अपनी दुकानें भी शोपीस साबित हो रही है।

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पौधरोपण

देखते-देखते छह कै लेण्डर वर्ष बीत गए लेकिन लघु वनोपज का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। अचार गुठली, आंवला, हर्रा,बहेड़ा समेत अधिकांश लघु वनोपज के व्यापार में बिचौलियों का कब्जा है और सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी न के बराबर है। वन विभाग की अपनी दुकानें भी शोपीस साबित हो रही है।


छिंदवाड़ा और पांढ़ुर्ना जिले के 11,815 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में ३.५१ लाख हैक्टेयर यानि २९.७३ प्रतिशत हिस्से में जंगल है। इनमें ५३ वानिकी प्रजातियां पाई जाती है। राज्य शासन ने ३२ लघु वनोपजों की खरीदी का सरकारी समर्थन मूल्य घोषित किया है। इसके लिए २४ अपनी दुकानों का निर्माण भी किया गया है। वर्ष २०१९ से प्रदेश में कभी भी समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया है।


मैदानी स्तर पर देखने में आया है कि लघु वनोपज को खरीदने में बिचौलिए जितनी तेजी दिखाते है उतने मैदानी वन अधिकारी-कर्मचारी नहीं। इसके चलते लघु वनोपज का ९९ प्रतिशत व्यापार बिचौलियों के हाथों में हैं। वे वनवासियों से अत्यंत कम मूल्य पर वनोपज खरीदते हैं। इससे कभी भी इन लोगों की आर्थिक स्थिति सुधर नहीं रही है। ये लोग कीमती वन संपदा होने पर भी गरीब बने हुए हैं और बिचौलिए लाखों-करोड़ों रुपए के मालिक बनते जा रहे हैं। विभाग आर्थिक असमानता को समाप्त करने में नाकाम रहा है।


नाम मात्र ७८ क्विंटल अचार गुठली की खरीदी


वन विभाग के रिकार्ड में समर्थन मूल्य पर पिछले सालों में केवल ७८ क्विंटल अचार गुठली का रिकार्ड है। इसके अलावा दूसरी लघु वनोपज भी कम मात्रा में खरीदी गई है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि अधिकांश व्यापारियों ने इस लघु वनोपज व्यापार को जैव विविधता एक्ट के तहत रजिस्टर्ड भी नहीं किया गया है। इससे शासन को भी जैव विविधता शुल्क भी नहीं मिल पा रहा है।


इनका कहना है..


राज्य शासन के ध्यान में इस विषय को लाया जाएगा। साथ ही लघु वनोपज के समर्थन मूल्य की वृद्धि के बारे में ध्यान आकर्षित कराया जाएगा।
-समीर गर्ग, डीएफओ पश्चिम वन मण्डल।


्लघु वनोपज की पहली बार घोषित समर्थन मूल्य


क्र लघु वनोपज न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति किलो
१. आचार गुठली १३० रुपए
२. पलास लाख २००
३. कुसुम लाख २७५
४. हर्रा २०
५. बहेड़ा २५
६. बेलगूदा ३०
७. बकोड़ा बीज २०
८. शहद २२५
९. महुआ फूल ३५
१०. महुआ बीज ३५
११. करंज बीज ४०
१२. नीम बीज ३०
१३. साल बीज २०
१४. नागरमोथा ३५
१५. जामुन बीज ४२
१६. आंवला गूदा ५२
१७. भिलावा ९
१८. अनंत मूल ३५
१९. अमलतास बीज १३
२०. अर्जुन छाल २१
२१. गिलोय ४०
२२. कींच बीज २१
२३. कालमेघ ३५
२४. बायबिडंग बीज ९४
२५. धवई फूल ३७
२६. वन तुलसी पत्तियां २२
२७. कुटज ३१
२८. मकोय २४
२९. अपंग पौधा २८
३०. इमली बीज सहित ३६
३१. सतावरी की सूखी जड़ १०७
३२. गुड़मार ४१

Published on:
07 Aug 2025 10:38 am
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