एसपी गौरव तिवारी के निशाने पर पुलिसकर्मी आ चुके हैं। पुलिसकर्मियों की जरा भी लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। हेलमेट, समय पर थाना नहीं पहुंचने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार से एसपी गौरव तिवारी ने पुलिसकर्मियों को सुधारने का प्रयास शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार बिछुआ थाना क्षेत्र के मोयागांव निवासी प्रकाश ढोके और सम्पूलाल चौरिया की बाइक में आमने-सामने की भिड़ंत हुई थी। नौ दिसम्बर को दुर्घटना हुई थी जिसके बाद नौ जनवरी को दोनों पक्ष की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध किया है। बताया जा रहा है कि एक पक्ष ने लिखित शिकायत और रिपोर्ट में दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी का नम्बर अलग-अलग लिखवाया है।
दोनों पक्ष पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त करने के लिए लगातार चक्कर लगा रही है, लेकिन अभी तक वाहन जब्त नहीं कराए गए हैं। मंगलवार को प्रकाश ढोके की ओर से उसके मामा तिलकराम दोतारे ने एसपी गौरव तिवारी के समक्ष उपस्थित होकर मामले की जांच कर रहे एएसआई कृष्णकुमार सेन के खिलाफ छह हजार रुपए रिश्वत लेने और मामले का निराकरण नहीं करने की शिकायत दी जिसके आधार पर एएसआई को निलम्बित किया गया है।
अठारह दिसम्बर को रिश्वत लेने का आरोप
शिकायतकर्ता तिलकराम दोतारे ने एसपी गौरव तिवारी के समक्ष कहा कि दुर्घटना के बाद 18 दिसम्बर को एएसआई कृष्णकुमार तिवारी ने उससे पांच-पांच सौ की बारह नोट यानी छह हजार रुपए रिश्वत ली। वहीं अभी तक निराकरण नहीं किया गया है। बिछुआ थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में अभी तक दोनों ही पक्ष के वाहनों को जब्त नहीं किया गया है।
भ्रष्टाचार के चलते किया सस्पेंड
एएसआई पर छह हजार रुपए लेकर दुर्घटना में काउंटर मामला पंजीबद्ध करने की शिकायत मिली थी। भ्रष्टाचार के चलते उसे सस्पेंड किया गया है। शिकायतकर्ता ने साफ कहा है कि एएसआई ने एक व्यक्ति के सामने रुपए लिए हैं। मामले में आगे की जांच चौरई एसडीओपी को सौंपी गई है।
दोनों पक्ष एक ही गांव के है। दुर्घटना के बाद उन्होंने आपसी राजीनामा भी कर लिया था। टीआई के आदेश पर दोनों पक्षों पर मामला पंजीबद्ध किया गया है। अभी तक दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त नहीं किया गया है। रुपए लेने के मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।