
Donald Trump Oman Threat (AI Image)
Donald Trump Oman Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने आक्रामक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार ओमान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने ईरान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को कंट्रोल करने की कोशिश की तो अमेरिका उन्हें उड़ा देगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते और युद्धविराम को लेकर तनावपूर्ण बातचीत जारी है।
ओमान को दी गई यह धमकी ट्रंप की उस लंबी सूची में नया नाम है, जिसमें कई देशों को वह सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं या उनके खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। विश्लेषकों के मुताबिक ट्रंप अब तक 15 देशों के खिलाफ हमला करने, कार्रवाई करने या तबाह करने जैसी चेतावनी दे चुके हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप अपने कार्यकाल में ईरान, इराक, नाइजीरिया, सोमालिया, सीरिया, वेनेजुएला और यमन में सैन्य कार्रवाई कर चुके हैं। इनमें कुछ देशों पर उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में भी हमले करवाए थे।
इसके अलावा कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर में कथित ड्रग तस्करी से जुड़े जहाजों पर भी कार्रवाई की गई थी।
ट्रंप ने अपने बयानों में कनाडा, कोलंबिया, क्यूबा, ग्रीनलैंड (डेनमार्क का हिस्सा), मेक्सिको, पनामा और अब ओमान को लेकर भी सैन्य कार्रवाई या दबाव की बात कही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की विदेश नीति अक्सर 'आक्रामक राष्ट्रवाद' और 'दबाव आधारित कूटनीति' पर आधारित रही है।
विश्लेषण के मुताबिक ट्रंप जिन 15 देशों को धमकी दे चुके हैं या जहां कार्रवाई कर चुके हैं, वहां दुनिया की लगभग हर 11वीं आबादी रहती है। यानी दुनिया का एक बड़ा हिस्सा कभी न कभी इस आशंका में रहा कि अमेरिका उनके देश पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
इन 15 देशों में से पांच मध्य पूर्व क्षेत्र के हैं। इनमें ईरान, इराक, सीरिया, यमन और ओमान शामिल हैं। ट्रंप का मानना रहा है कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी प्रभाव बनाए रखने के लिए सख्त सैन्य रुख जरूरी है।
ट्रंप ने कुछ देशों को लेकर ऐसे बयान भी दिए, जिन्हें विश्लेषक “साम्राज्यवादी सोच” से जोड़ते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कनाडा, क्यूबा, ग्रीनलैंड, पनामा और वेनेजुएला को लेकर उन्होंने ऐसे संकेत दिए कि ये क्षेत्र अमेरिका के प्रभाव या नियंत्रण में आ सकते हैं।
ट्रंप का ताजा बयान दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आया है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव और ओमान को दी गई चेतावनी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक माहौल को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
Updated on:
28 May 2026 03:49 am
Published on:
28 May 2026 03:49 am
