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अमेरिका से कहां फंस रही बात? रूस से ईरानी अधिकारी ने खुलकर बताया, हॉर्मुज को लेकर भी दिया बड़ा बयान

Iran US talks: ईरान ने अमेरिका से साफ कहा है कि यूरेनियम स्टॉकपाइल पर कोई बात नहीं होगी। हॉर्मुज खोलने पर भी अभी सहमति नहीं बनी है।

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भारत

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Mukul Kumar

May 27, 2026

US Iran War Deal

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई और अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप।(इमेज सोर्स: AI)

ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से बातचीत चल रही है। लेकिन अब तक दोनों के बीच कोई भी डील नहीं हो पाई है। इसी बीच, रूस पहुंचे ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के डिप्टी सेक्रेटरी अली बागेरी ने बड़ा बयान जारी किया है।

उन्होंने कहा है कि अमेरका के साथ ईरान के संवेदनशील यूरेनियम भंडार को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह मुद्दा अभी एजेंडे में शामिल नहीं है।

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब फारस की खाड़ी और हॉर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। बागेरी मॉस्को में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम के मौके पर मीडिया से बात कर रहे थे।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं

मीडिया से बात करते हुए बागेरी ने हॉर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज को फिर से खोलने समेत कई अहम मुद्दों पर अभी दोनों पक्ष पूरी तरह सहमत नहीं हुए हैं।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा- जब तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं हो जाती, तब तक हम मानते हैं कि किसी भी मुद्दे पर समझौता नहीं हुआ है।

ईरानी अधिकारी ने यह भी बताया कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष संपर्क जारी हैं, लेकिन इनकी जगह या तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।

अमेरिका से कहां फंसी है बात?

उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागई ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत के बड़े हिस्से पर सहमति बन गई है, लेकिन कोई अंतिम समझौता अभी दूर है। उन्होंने अमेरिका की नीति को घंटों में बदलने वाली बताया।

बागई ने कहा- वाशिंगटन में फैसले लेने की प्रक्रिया बिखरी हुई है। वहां इस्तीफे हो रहे हैं, संसद में विरोध है, जनता में असंतोष है और इजराइल जैसे ताकतवर लॉबी का दबाव भी काम कर रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के बिना कोई समझौता नहीं करेगा। कोई भी अंतिम फैसला होने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।

60 दिन का फ्रेमवर्क और न्यूक्लियर मुद्दा

प्रवक्ता बागई ने 60 दिन के प्लान का जिक्र करते हुए बताया कि इस दौरान मेमोरेंडम और कुछ अन्य मुद्दों पर विस्तार से बात होगी। हालांकि न्यूक्लियर डिटेल्स पर अभी चर्चा नहीं हो रही है।

उनका कहना था कि 14 आर्टिकल वाला मेमोरेंडम मुख्य रूप से युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है। ईरान बार-बार यह दोहरा रहा है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए ही कोई डील करेगा।