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मोजतबा खामेनेई ने की भविष्यवाणी – ‘अगले 15 सालों में मिट जाएगा इज़रायल का वजूद’

Mojtaba Khamenei's Warning: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इज़रायल के विषय में एक बड़ी भविष्यवाणी की है। क्या कहा मोजतबा ने? आइए जानते हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

May 27, 2026

Mojtaba Khamenei

मोजतबा खामेनेई (File Photo)

ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने ईद-उल-अज़हा से पहले हज यात्रियों के लिए टेलीग्राम पर एक और संदेश जारी किया है। इस संदेश में ईरानी सुप्रीम लीडर ने इज़रायल (Israel) के विषय में एक बड़ी भविष्यवाणी की है। मोजतबा ने अपने संदेश में कहा, "अगले 15 सालों में इज़रायल का वजूद मिट जाएगा और वो अस्तित्व में नहीं रहेगा। इज़रायल में अस्थिर ज़ियोनिस्ट शासन है जो कैंसर जैसा है और यह अपने श्रापित अस्तित्व के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

पिता भी कर चुके हैं भविष्यवाणी

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर और मोजतबा के पिता अली खामेनेई (Ali Khamenei) भी इस तरह की भविष्यवाणी कर चुके हैं। 2015 में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते (JCPOA) के बाद खामेनेई ने कहा था कि इज़रायल 25 सालों तक अस्तित्व में नहीं रहेगा। अब उनके बेटे ने उसी भविष्यवाणी में से तब से अब तक के 10 साल हटाकर इज़रायल के लिए चेतावनी दी है।

इज़रायल को कैंसर मानता है ईरान

ईरान और इज़रायल के बीच तनाव किसी से भी छिपा नहीं है। ईरान लंबे समय से इज़रायल को कैंसर मानता आया है। साथ ही फिलिस्तीन की आज़ादी और इज़रायल की“ज़ियोनिस्ट सरकार के अंत को अपनी विदेश नीति का केंद्र बनाए रखा है।

मोजतबा की अपील

मोजतबा ने अपने संदेश में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों को 'विजयी' बताया और मुस्लिम देशों से अपील की कि वो सभी अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ एकजुट हों। साथ ही उन्होंने मिडिल ईस्ट में स्थित क्षेत्रीय देशों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करने की चेतावनी भी दी।

मिडिल ईस्ट में अब अमेरिका को नहीं मिलेगी सुरक्षित पनाहगाह

मोजतबा ने मंगलवार को अपने टेलीग्राम चैनल पर मैसेज शेयर करते हुए कहा - "मिडिल ईस्ट की शक्तियाँ अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी और अमेरिका को मिडिल ईस्ट में अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं मिलेगी। समय पीछे नहीं चलता और इस क्षेत्र के देश और इलाके अब अमेरिकी ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगे। अमेरिका को अब इस क्षेत्र में बुराई के लिए या सैन्य ठिकाने स्थापित करने के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है।"

दोनों देशों में बातचीत जारी

ईरान और अमेरिका में तनाव बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों में सीज़फायर के बीच बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अनुसार दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में डील होने की उम्मीद है।