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अमेरिका-ईरान के बाद शुरू होने वाला है एक और युद्ध? ताइवान में घुसे चीन के 9 फाइटर जेट, बढ़ी टेंशन

China-Taiwan Tension: ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन के 9 फाइटर प्लेन और 7 नेवी के जहाज उसके आसपास के इलाके में देखे गए।

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भारत

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Saurabh Mall

May 27, 2026

CHINA-TAIWAN CONFLICT (1)

ताइवान के इलाके में चीन की घुसपैठ, इलाके में बढ़ा तनाव (AI जनरेटेड इमेज)

China-Taiwan Conflict: मिडिल-ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अब एशिया में भी बड़े टकराव की आशंका बढ़ने लगी है। ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे इलाके की चिंता बढ़ा दी है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन के 9 सैन्य विमान और 7 नेवी जहाज उसके आसपास के इलाके में देखे गए। जो सीधा ताइवान स्ट्रेट की मीडियन लाइन पार कर ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में घुस गए।

चीन की इस आक्रामक गतिविधि को ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से बीजिंग लगातार ताइवान के आसपास अपनी ताकत दिखा रहा है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं ताइवान भी अलर्ट मोड पर है और हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। ऐसे माहौल में सवाल उठने लगे हैं कि क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ रही है?

अपडेट जारी है…

ताइवान को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की थी उम्मीद

हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर आए थे। तब ताइवान को उम्मीद थी की वह उसकी आजादी के लिए चीन से बातचीत करेंगे और पूरा मसला हल कर देंगे। लेकिन हुआ इसके उलट… ट्रंप अमेरिका पहुंचते ही बोले कि वह चीन और ताइवान के लिए शांति चाहते हैं, न कि कोई युद्ध। उन्होंने ये भी कहा कि यदि वह इसमें आते हैं तो इसके लिए उन्हें 9500 किमी का सफर करना होगा।

उनके मुताबिक, चीन लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र देश मानता है। ये उन दोनों देशों का मसला है और उसे शांति से हल कर लेना चाहिए, न कि किसी बड़े युद्ध की तरफ आगे बढ़ना चाहिए।

चीन का खतरनाक प्लान

अभी एक दिन पहले ही ताइवान की नेशनल सिक्योरिटी ब्यूरो (NSB) ने दावा किया था कि सोशल मीडिया पर लोगों की सोच बदलने के लिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक के बाद करीब 100 संदिग्ध अकाउंट्स ने 9 हजार से ज्यादा पोस्ट शेयर किए। इन पोस्टों में यह दिखाने की कोशिश हुई कि अमेरिका अब ताइवान का समर्थन कम कर रहा है और चीन-ताइवान के एक होने से शांति आएगी। NSB का कहना है कि अलग-अलग दिखने वाले ये अकाउंट एक ही तरह का कंटेंट एक साथ पोस्ट कर रहे थे, जिससे संगठित साजिश का शक बढ़ गया।