
छिंदवाड़ा .शासकीय कन्या शाला रोहनाकला में शनिवार को कक्षा आठवीं की छात्रा कचरे में हुए विस्फोट से बुरी तरह झुलस गई। पहले तो स्कूल प्रबंधन ने मामले को पूरी तरह से दबाने का प्रयास किया लेकिन जब छात्रा की तकलीफ बढऩे लगी तो ग्राम सरपंच के हस्तक्षेप के बाद सोमवार को उसे जिला अस्पताल भेजा गया। फिलहाल जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में छात्रा का इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रिया पिता प्रहलाद बिंदवारी विकासखंड छिंदवाड़ा अंतर्गत शासकीय कन्या माध्यमिक शाला रोहनाकला की छात्रा है।
शासकीय कन्या माध्यमिक स्कूल रोहनाकलां का मामला
शनिवार को वह स्कूल में थी। इसी दौरान किसी शिक्षक ने उसे कचरा बाहर फेंकने के लिए कहा। छात्रा जहां कचरा फेंकने जा रही थी वहां पहले से कचरा जल रहा था। छात्रा ने जैसे ही हाथ में रखा कचरा जलते हुए कचरे में फेंका अचानक विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आने से छात्रा बुरी तरह से झुलस गई। उसका यूनिफॉर्म और स्वेटर भी जल गया। बीआरसी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शासकीय कन्या स्कूल रोहनाकलां में प्रधान अध्यापक तथा तीन शिक्षक कार्यरत हैं।
शिक्षकों ने निभाई औपचारिकता
छात्रा ने बताया कि घटना के बाद उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया। वहां एक इंजेक्शन और ट्यूब देकर शिक्षकों ने उसे घर छोड़ दिया। जब छात्रा की तकलीफ बढ़ी तो गांव के सरपंच के हस्तक्षेप के बाद पीडि़ता को सोमवार को दोपहर १२ बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
निजी अस्पताल में उपचार के लिए बना रहे दबाव
पीडि़ता के माता-पिता ने बताया कि उक्त घटना से बेटी का चेहरा बुरी तरह झुलस गया है। मामले में स्कूल शिक्षक जिम्मेदार हैं। कचरे में जरूर विस्फोटक सामग्री रही होगी, इसी वजह से हादसा हुआ। मामले को दबाने के लिए स्कूल के शिक्षक बार-बार निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। परिजन ने बताया कि वे मजदूरी करते हैं। ऐसे में परिजन को बेटी का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।
जांच कर की जाएगी कार्रवाई
मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीआर त्रिपाठी, बीआरसी छिंदवाड़ा।