
छिंदवाड़ा/परासिया. ग्राम भाजीपानी में मुख्य मार्ग के किनारे वार्ड क्र 15 मे अचानक जमीन धंसने से चार मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए है। दो दिनों के भीतर दिवार, छत, फर्श में गहरी दरार आ गई जो बढ़ते जा रही है। मंगलवार सुबह मीरा बाई का मकान ढह गया। सेवानिवृत्त आंगनबाड़ी सहायिका मीरा उइके के परिवार ने मकान गिरने की आशंका के चलते दो दिन पहले ही समीप के चौपाल में शरण ली है। इस हादसे के बाद अन्य क्षतिग्रस्त मकानों के ढहने की आशंका से लोग भयभीत है। क्षतिग्रस्त हुए सभी मकान स्वामी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है अपनी जमा पूंजी लगाकर कर्ज लेकर उन्होंने आवास बनाया था अब सभी अस्थाई रूप से अन्य स्थानों पर किसी तरह गुजारा कर रहे है। यही हाल दूसरे प्रभावित लोगों का है मकानों की दिवारे तक झुक गई है, मकानों के कभी भी गिरने का अंदेशा उत्पन्न हो गया है। निवासरत सभी परिवारों ने खतरे को देखते हुए मकान को खाली कर दिया है। संतोष शर्मा के आवास में चार कमरे है सामने उनकी छोटी सी दुकान है जिससे जीवन यापन होता है इनका पूरा मकान ढहने की कगार में आ गया है। रत्नेश कहार मछली पकडक़र बेचने का धंधा करते है उनके आवास में एक भी कमरा सुरक्षित नहीं बचा है वह सामने टेंट पालीथिन लगाकर रह रहे है। मजदूरी करने वाले संतोष सेन भी परेशान है पूरे मकान की कोई दिवार और छत सुरक्षित नहीं है यहां तक कि फर्श में भी गडढेनुमा दरारे आ गई है।
आसपास के मकान वालों ने भी हल्की दरारे आने की बात कही है। प्रभावित परिवारों ने बताया कि नीचे की मिटटी उठने के कुछ घंटे बाद दरारे आ जाती है जो थोड़ी देर में गहरी और चौड़ी हो जाती है। इसका सिलसिला निरंतर जारी है जिससे कभी मकान जमींदोज हो सकते है। बहरहाल इस घटना को लेकर पूरे गांव में भय दहशत का माहौल है।