- चालकों के इंतजार में इको फ्रेंडली कचरा कलेक्शन वाहन - शहरी वार्डों में चलाने का था दावा - फिलहाल भरतादेव फिल्टर प्लांट में खा रहे धूल
शहरी वार्डों में बिना डीजल के धुएं वाले कचरा कलेक्शन वाहनों की योजना तैयार की गई। वाहनों की खरीदी की गई, उनका लोकार्पण भी हुआ, लेकिन अभी तक इन वाहनों को सडक़ पर उतारा नहीं गया। बिना चालकों के सभी 14 वाहन भरतादेव फिल्टर प्लांट में धूल खा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इन कचरा कलेक्शन वाहनों के चलने के बाद शहरी क्षेत्र में डीजल से दौड़ रहे कचरा कलेक्शन वाहनों को ग्रामीण वार्डों में चलाया जाएगा। ताकि, बड़े ग्रामीण वार्डों में समय पर कचरा कलेक्शन हो सके।
कचरा कलेक्शन वाहनों को नगर निगम ने 84 लाख रुपए खर्च करके मंगवाया है। एक वाहन की कीमत करीब छह लाख रुपए है। 14 वाहनों की गुणवत्ता को देखने के बाद 11 और वाहन मंगवाने की तैयारी है। फिलहाल सभी 14 वाहन, अपने-अपने चालकों का इंतजार कर रहे हैं। नगर निगम अब तक नए वाहन चालक नियुक्त नहीं कर सका है।
लोकार्पण के दौरान बताया जा रहा था कि जिन वार्डों में इको फ्रेंडली वाहन चलाए जाने थे, वहां कुछ स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। एक सप्ताह के अंदर इको फ्रेंडली वाहनों को वार्डों में चलाने का दावा किया जा रहा था। लेकिन एक बार चार्ज करने के बाद 100 किमी तक चलाए जाने वाले इन वाहनों के लिए हर जगह चार्ज करने की जरूरत नहीं है। इन्हें डंपिंग ग्राउंड, टाउन हॉल अथवा फिल्टर प्लांट में भी चार्ज किया जा सकता है। अभी भी निगम के दो इ-कचरा कलेक्शन वाहन निगम के टाउनहॉल में ही चार्ज किए जाते हैं।
इनका कहना है
चालकों की कमी के चलते वाहन अभी शुरू नहीं किए जा सके हैं। अतिरिक्त चालकों की व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद ही वाहन शुरू किए जाएंगे।
सीपी राय, आयुक्त नगर निगम