कार में फंसे दंपती के शव को मशक्कत कर निकाला गया, रात तक नहीं आया बच्चों को होश, दिल दहलाने वाली घटना आई सामने
छिंदवाड़ा. कर्पूदा मंदिर अपने पूरे परिवार के साथ माता के दर्शन कर लौट रहे परिवार ने सडक़ हादसे में अपना सब कुछ खो दिया, दो कारों की भिड़ंत में पति-पत्नी और उनके सात माह के मासूम की मौके पर मौत हो गई जबकि उनके चार बच्चे जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे है। हादसा इतना दिल दहलाने वाला था कि छोटी कार चला रहे गुरैया निवासी दिनेश उईके और उसके बाजू में बैठी उसकी पत्नी कंचन और उसकी गोद में बैठा सात माह का बेटा सागर हादसे के बाद कार में बुरी तरफ फंस गए और तीनों की मौके पर मौत हो गई। कार की पिछली सीट पर बैठी दिनेश की बहन सीमा सरेयाम तथा चार बच्चे दिव्यांश उइके (11), देवांशी उइके (9), वेदांश उइके (10) तथा प्रियांश उइके (5) हादसे के बाद बेहोश हो गए। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चारों बच्चों को रात तक होश नहीं आया जबकि दो बच्चे वेदांश तथा प्रियांश की हालत नाजुक बनी हुई है, जिनका उपचार डॉक्टरों की टीम कर रही है तथा अस्पताल प्रबंधन लगातार उनके उपचार पर नजर रख रहा है।
गुरैया का परिवार कपूर्दा से वापस लौट रहा था तथा महाराष्ट्र से आ रहे राजेंद्र साहू, धीरज ढोके तथा कार चालक महेश भामकर कपूर्दा माता के दर्शन करने जा रहे थे। नागपुर से आ रही कार की गति काफी तेज थी जिसके कारण यह हादसा हुआ है। दोनों कारों में सामने की सीट पर बैठे लोगों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। दंपती व उनका सात माह के मासूम ने तो कार में ही दम तोड़ दिया था उनके शव को काफी मशक्कत के बाद कार से निकाला गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोहे की राड से दरवाजा खोला तथा शवों को बाहर निकाला। वहीं के्रेन की मदद से सडक़ पर पड़े दोनों वाहनों को साइड किया तथा तथा यातायात को सुचारु किया था।
गुरैया निवासी दिनेश कुछ समय पूर्व ही आकर गुरैया में रहने लगा था तथा जायसवाल पोल्ट्री फार्म में काम करता था। अपने परिवार को कपूर्दा माता के दर्शन कराने के लिए पड़ोसी से कार लेकर आया था। हाल ही में उसकी बहन सीमा उसके घर आई थी जिसके कारण वह परिवार के साथ ही उसे भी लेकर कपूर्दा गया था। घर से पूजा का सामान तथा खाने पीने का सामान भी परिवार साथ लेकर गया था, हादसे के बाद सारा सामान यहां वहां बिखरा पड़ा था।