जबलपुर से अपहृत तीन माह के बच्चे को छिंदवाड़ा पुलिस ने ढूंढ निकाला। आरोपी बच्चे को लेकर छिंदवाड़ा में अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे थे।
छिंदवाड़ा. जबलपुर से अपहृत तीन माह के बच्चे को छिंदवाड़ा पुलिस ने ढूंढ निकाला। आरोपी बच्चे को लेकर छिंदवाड़ा में अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे थे। मौका पाकर उसे मुंबई में बेचने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इसके पहले पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। बच्चो और दो आरोपियों को जबलपुर के लिए हवाले किया है।
जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले राजेश बरकड़े का तीन माह का बेटा है। दादरगांव से 18 सितम्बर को बच्चा अचानक गायब हुआ था, जिसकी रिपोर्ट परिवार के सदस्यों ने 19 सितम्बर को पुलिस थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण सहित अन्य धारा में अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तलाश और छानबीन शुरू की तो सामने आया कि बच्चे का अपहरण हुआ है। बरगी थाना पुलिस 20 सितम्बर से बच्चा और अपहरण करने वालों की तलाश में जुटी थी। सुराग मिलने की आरोपी बच्चे को मुंबई बेचने की फिराक में है, लेकिन इसके पहले वे बच्चे को लेकर छिंदवाड़ा पहुंचे हैं। जबलपुर पुलिस ने छिंदवाड़ा पुलिस से सम्पर्क किया। कुण्डीपुरा थाना और देहात थाना के चुनिंदा पुलिसकर्मियों को बच्चे की तलाश में लगाया गया। बुधवार दोपहर बाद टीम ने अन्नपूर्णा माता मंदिर के पास से तीन माह का बच्चा बरामद किया। अपहरण करने वाले दो आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। सूचना के बाद जबलपुर पुलिस पहुंची जिनके सुपुर्द बच्च्चा और आरोपी किए गए हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई वहां की पुलिस ही करेगी।
मुंबई बेचना चाहते थे बच्चा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बरगी थाना क्षेत्र के मेडिकल चौक निवासी संजू महाराज एवं रामप्यारी बाई निवासी बरगी ने मिलकर तीन माह के बच्चे का अपहरण किया था। दोनों आरोपी बच्चे को मुंबई में बेचना चाह रहे थे। आरोपी छिंदवाड़ा में अन्नपूर्णा मंदिर के पास रहने वाले रिश्तेदार नंदकिशोर शर्मा के यहां ठहरे थे। आरोपियों ने नंदकिशोर शर्मा और परिवार के सदस्यों को अपहरण के सम्बंध में कोई जानकारी नहीं दी थी। अपहरण करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी और बच्च्चे को मुक्त कराने में प्रधान आरक्षक श्याम सिसोदिया एवं आरक्षक शिवकरण पांडे संतोष बघेल सहित अन्य की अहम भूमिका रही है।