नगरीय एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस समय पांढुर्ना के मास्टर प्लान की तैयारी में जुट गए हैं। इस प्लान में वर्ष 2041 के प्रस्तावित विकास की झलक नजर आएगी।
छिंदवाड़ा.नगरीय एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस समय पांढुर्ना के मास्टर प्लान की तैयारी में जुट गए हैं। इस प्लान में वर्ष 2041 के प्रस्तावित विकास की झलक नजर आएगी। विभागीय स्तर पर अभी जनसंख्या के आधार पर जमीन के आवासीय, व्यवसायिक और औद्योगिक नियोजन का आंकलन हो रहा है। अगले छह माह के अंदर इस प्लान को तैयार कर भोपाल भेज दिया जाएगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार पांढुर्ना प्रदेश के उन 38 शहरों में शामिल है, जिसे अमृत 2.0 प्लान के तहत शामिल किया गया है। पहले पांढुर्ना का मास्टर प्लान साधारण स्थिति में तैयार हो रहा था, अब उसके जिला गठित होन के बाद इस प्लान में शामिल करके प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा इस प्लान में प्रस्तावित वर्ष 2031 के स्थान पर वर्ष 2041 लाया गया है। जिसमें उस समय की पेयजल, आबादी, सडक़ समेत अन्य जमीन के निवेश का जिक्र होगा।
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अगस्त में कलेक्टर के साथ हुई थी बैठक
इस परियोजना में आगे बढऩे से पहले नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने बीती 13 अगस्त को पांढुर्ना कलेक्टर अजयदेव शर्मा के साथ बैठक की थी। जिसमें मास्टर प्लान के बारे में स्थानीय अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया था। जिसमें नए मास्टर प्लान 2041 के बारे में भी जिक्र किया गया था।
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नगरीय सीमा में पहले छह गांव, अब हो गए 15 गांव
पांढुर्ना नगर की सीमा में पहले 6 ग्राम पंचायतों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव था। अब तक नए मास्टर प्लान में अब 15 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है। ग्राम पारडी, नीलकंठ, मोरडोंगरी, कलमगांव, मगजगांव, अंबाखापा, अंबाडाखुर्द, कामठीखुर्द गोवरीयामा बोस्टोड़ी, भंवारगोंदी, वरजली, खेड़ी आज्जनगांव, मोहगांव को शहरी सीमा में शामिल किया गया है। पांढुर्ना शहर की कुल जनसंख्या 45 हजार 479 है। जिसका कुल क्षेत्रफल 2 हजार 740 हेक्टेयर है। अब कुल 9121-40 हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ जाएगा।
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इनका कहना है…
इस समय नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में पांढुर्ना शहर का नया मास्टर प्लान का काम तेजी से चल रहा है। जिसे छह माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। फिर उसे राज्य शासन को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी आने पर उसे लागू किया जाएगा।
-व्हीएस परस्ते, उपसंचालक नगर एवं ग्राम निवेश विभाग।