कन्हरगांव डैम से लेकर भरतादेव फिल्टर प्लांट तक पाइप लाइन में पानी की रफ्तार अत्यंत धीमी
छिंदवाड़ा.आधे से ज्यादा खाली पड़े कन्हरगांव डैम के एक कोने में लगी दो मोटरें जब 24 घंटे चलती है,तब वह नहर में धीमी रफ्तार से मुश्किल से पानी पहुंचा पाती है। आगे यहीं पानी मुश्किल से भरतादेव फिल्टर प्लांट पहुंचता है,जहां एलम और क्लोरीन से शुद्ध करने की प्रक्रिया चलती है। फिर शहर की टंकियों के भरे जाने पर आंकलन सामने आता है-जरूरत 27 एमएलडी और पानी मिला केवल 24 एमएलडी। अंत में वितरण में भी अनियमितता-किसी को एक गुंडी तो किसी को एक बाल्टी पानी। ‘पत्रिका’ टीम ने जब पड़ताल की तो डैम से लेकर आम आदमी तक के ये हालात नजर आए।
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ये मोटरें ही नहर तक धकेलती है पानी
कन्हरगांव डैम आधे से ज्यादा खाली पड़ा है। एक कोने के पानी पर नगर निगम की दो मोटरें तैरती नजर आती है। जिनमें दो लम्बे पाइप नहर के पास तक लगाए गए हैं। ये मोटरें ही 24 घंटे पानी नहर में धकेलने में लगी है। फि र भी क्षमता के मुताबिक पानी नहर में नहीं पहुंचता है क्योंकि पाइप में लीकेज हो गए हैं। फिर पानी धीमे-धीमे भरतादेव प्लांट तक जाता नजर आता है।
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यह टब नहीं भरा तो चिंता की लकीरें
यह लोहे का बड़ा टब है भरतादेव के 11.5 एमएलडी के छोटे प्लांट का। जैसे ही कन्हरगांव से आनेवाले पानी का वाल्व घुमाया जाता है,यह टब भरने लग जाता है। इस टब पर नजर रखनेवाले कर्मचारी अचानक चिंतिंत हो जाते है क्योंकि एक लाख लीटर की क्षमता वाले इस टब के न भरने से साफ है-क्षमता से बहुत कम आया। यह पानी एलम और क्लोरीन से साफ हो जाएगा लेकिन शहर की प्यास पूरी तरह नहीं बुझा पाएगा। यहीं हालत दूसरे 15.5 एमएलडी के प्लांट पर हर दिन होते हैं,जहां से भी शहर की अधिकांश टंकियां के भरने का जिम्मा होता है। प्लांट से ही कम पानी छोड़े जाने से टंकियां नहीं भर पाती। फिर वितरण ठीक ढंग से नहीं होता तो हालात तो गंभीर होंगे ही।
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दिन भर हैंडपंपों में लगी कतार
लालबाग से पीजी कॉलेज रोड में बैलबाजार चौक के पास एक हैंडपंप में लगी महिला-पुरुषों की यह कतार सुबह 5 बजे से लग रही है। इस क्षेत्र में एक दिन के अंतराल में पानी लोगों के घरों में नहीं पहुंच रहा है। समीप लगी श्रीवास्तव कॉलोनी में इससे बड़ा संकट है। क्षेत्रीय दिनेश डेहरिया का कहना है कि कॉलोनी में मुश्किल से पांच मिनट नल चल पाता है। ऐसे में पानी की विकराल समस्या से लोग जूझ रहे हैं। यहीं हालत दूसरे इलाकों की बताई गई है।
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साहब..हटा दो सिल्ट और दिलाओ रेलवे की अनुमति
शहर में उत्पन्न पेयजल संकट से निपटने के लिए नगर निगम के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा से मुलाकात की और उनसे सहयोग मांगा। इनमें मुख्य रूप से कन्हरगांव डैम की सिल्ट निकालने,धरमटेकरी से भरतादेव के बीच पाइप लाइन में आ रही एसएएफ गेट रेलवे क्रांसिंग की बाधा दूर करने तथा शहर में बोर करने की बात कहीं। इस पर कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि कन्हरगांव डैम में सिल्ट निकलवा देंगे। इसकी मिट्टी की ढुलाई में किसानों को मदद करनी पड़ेगी। इसके साथ ही रेलवे क्रांसिंग के लिए रेलवे अधिकारी को पत्र लिख दिया जाएगा। इसके साथ ही माचागोरा बांध का पानी कैसे छिंदवाड़ा पहुंचे,इसके बारे में ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने धरमटेकरी से भरतादेव पाइप लाइन के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की जानकारी दी। कलेक्टर ने पत्रिका को बताया कि निगम आयुक्त ने कन्हरगांव डैम में 90 दिन का पानी होने की जानकारी दी है। वे जल्द ही डैम का निरीक्षण करेंगे।
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बोरिंग के पास से टैंकर में भरेंगे पानी
नगरीय क्षेत्र में पेयजल संकट को दृष्टिगत रखते हुए नगर निगम द्वारा बोरिंग से टैंकर भरवाने का इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही संबंधित बोरिंग पर उपयंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी टैंकर भरवा कर निर्धारित वार्डों में वितरित कराएंगे। निगम के अनुसार परतला मंदिर के सामने, संजू ढाबा के सामने सर्वोत्तम नगर, इमलीखेड़ा चौक, गुप्ता के खेत के पास वार्ड क्रमांक 36, मांधाता कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, मांधाता कॉलोनी,संकट मोचन मंदिर, गंज बोरिंग,सिवनी प्राणमोती,सिवनी रोड बोरिंग,अपना भवन बोरिंग,उमा इलेक्ट्रॉनिक्स के पास दुर्गा चौक,राजपाल चौक,मेहनगर बोरिंग,जज कॉलोनी और सब्जी मण्डी के पीछे बोरिंग से पानी टैंकर भरे जाएंगे। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा वर्तमान जल को ध्यान रखते हुए क्षेत्र में 50 नलकूप खनन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है।
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निगम का ये भी दावा
1.पानी टंकियों के आसपास 12 इंची के बोर कराए जाएंगे। इससे तुरंत उन्हें भरवाया जा सकें।
2.इतवारी-बुधवारी के कुओं का पानी पेड़ सिंचाई,तराई और निर्माण कार्य में दिया जाएगा।