चित्तौड़गढ़

Udaipur Violence के बाद राजस्थान शिक्षा विभाग अलर्ट मोड पर, सरकारी और निजी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, यहां देखें

Chittorgarh News : उदयपुर हिंसा के बाद राजस्थान शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी व निजी स्कूलों में नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

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चित्तौड़गढ़. उदयपुर के एक विद्यालय में छात्र को चाकू मारने की घटना के बाद अब शिक्षा विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में विद्यार्थियों को लेकर प्रदेश भर के राजकीय व निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों को गाइडलाइन जारी की है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष मोदी के निर्देशानुसार अब स्कूलों में विद्यार्थी धारदार हथियार, चाकू, कैंची, छुरी सहित किसी भी तरह की नुकीली वस्तुएं साथ लेकर नहीं आ सकेंगे। वहीं, स्कूलों में इस संबंध में शिक्षकों की ओर से विद्यार्थियों को गाइड करने के साथ ही उनके स्कूल बैग की जांच भी की जाएगी। इसके बावजूद किसी विद्यार्थी की ओर से लापरवाही बरतने पर उसके खिलाफ सत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस बोर्ड पर चस्पा होगी सूचना

निदेशक मोदी के अनुसार अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में पढऩे के लिए भेजते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए स्कूल सबसे सुरक्षित स्थान होना चाहिए। नई गाइडलाइन को लेकर स्कूल के नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा करने के साथ ही शिक्षक प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को लगातार इसके बारे में बताएंगे। ताकि, प्रदेशभर के स्कूलों में किसी भी तरह से होने वाले हिंसक घटनाक्रम को रोका जा सके।

अब इन विद्यार्थियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

राजस्थान के सभी स्कूलों में शिक्षकों के साथ-साथ घर पर अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को ऐसी वस्तुओं के खतरों के बारे में जागरूक करें। अभिभावक अपने बच्चों के बैग की नियमित जांच करने के साथ ही उनके व्यवहार में परिवर्तन दिखने पर सजग रहते हुए शिक्षकों से संपर्क बनाए रखें। स्कूल में यदि कोई विद्यार्थी धारदार हथियार या नुकीली वस्तु लेकर आए तो संस्था प्रधान तुरंत उसके अभिभावक के संपर्क कर अवगत करवाएं। आवश्यकता पडऩे पर उल्लंघन करने वाले विद्यार्थी के विरुद्ध सत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे विषय पर अध्यापक - अभिभावक परिषद की बैठक में चर्चा भी की जाएगी। निदेशक ने आदेश में कहा कि शिक्षक रेण्डमली विद्यार्थियों के बैग, डेस्क और व्यक्तिगत वस्तुओं की नियमित जांच करें। साथ ही विद्यार्थियों में अचानक होने वाले व्यवहारगत परिवर्तन पर भी नजर रखते हुए ऐसे विद्यार्थियों के प्रति अतिरिक्त सावधानी रखते हुए संवेदनशील रहें।

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