
Road Accident: चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली में नेशनल हाईवे-27 पर रेलवे स्टेशन तिराहे के पास एक तेज रफ्तार क्रूजर कार अनियंत्रित होकर ताश के पत्तों की तरह पलट गई। हादसे के वक्त कार में सवार विद्यार्थी और अभिभावक गहरी नींद में थे, लेकिन पलक झपकते ही वहां चीख-पुकार और सन्नाटा पसर गया। हादसे के बाद मौके पर हृदयविदारक दृश्य था। इस भीषण दुर्घटना में 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 7 लोगों की हालत बेहद नाजुक होने पर उन्हें चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया है।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोटा की ओर जा रही क्रूजर कार मंगलवार को करीब 6 बजे जैसे ही पारसोली तिराहे के पास पहुंची, चालक को संभवतः नींद की झपकी आ गई। तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क किनारे डिवाइडर से टकराकर दो-तीन बार पलटी खाते हुए दूर जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर हृदयविदारक दृश्य था। कोई अपनों को ढूंढ रहा था तो कोई खून से लथपथ मदद के लिए पुकार रहा था।
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना प्रशासन का इंतजार किए ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना क्षतिग्रस्त वाहन के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घायलों के पहुंचने पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद मानवी जैन (18), मंथन कंसारा (17), प्रेमलता जैन (40), सुरेश जैन (53), शांतिलाल (55), केवी चारण (12) एवं प्राक्षी कंसारा (18) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया है।
हादसे ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रेलवे स्टेशन तिराहे पर लंबे समय से अंडरब्रिज की मांग की जा रही है, लेकिन फाइलें धूल फांक रही हैं। तिराहे पर बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहन हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल बड़े हादसे का इंतजार करता है। यदि समय रहते अंडरब्रिज बन जाता और यातायात सुचारू होता, तो शायद यह मंजर नहीं देखना पड़ता। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां अंडरब्रिज की मांग कर रहे हैं। हाईवे पर खड़े रहने वाले वाहन और संकरा रास्ता जानलेवा बन चुका है। प्रशासन को अब तो जागना चाहिए।