चित्तौड़गढ़

कंपकंपाती सर्दी के बीच राजस्थान के इस जिले में बजी खतरे की घंटी, 319 तक पहुंचा AQI

हाड कंपकंपाती सर्दी के बीच चित्तौडग़ढ़ की हवा ने भी अब खतरे की घंटी बजा दी है। वायु प्रदूषण के चलते यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 319 तक पहुंच गया है। एक्यूआई का यह स्तर सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है और लोगों को घरों से रहकर इससे बचाव की सलाह दी जाती है।
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Updated: 1 Jan 2024, 2:36 PM IST
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हाड कंपकंपाती सर्दी के बीच चित्तौडग़ढ़ की हवा ने भी अब खतरे की घंटी बजा दी है। वायु प्रदूषण के चलते यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 319 तक पहुंच गया है। एक्यूआई का यह स्तर सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है और लोगों को घरों से रहकर इससे बचाव की सलाह दी जाती है।

चित्तौडग़ढ़ में पिछले करीब सात दिन से एक्यूआई खतरनाक स्तर पर है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 50 तक एक्यूआई को अच्छा माना जाता है। इसके बाद 51 से 100 एक्यूआई को मध्यम, 101 से 150 को संवेदनशील, 151 से 200 को अन हैल्दी, 201 से 300 को वेरी अन हैल्दी और 301 से अधिक एयर क्वालिटी इंडेक्स को खतरनाक श्रेणी में माना गया है। चित्तौडग़ढ़ में पिछले सात दिन से एक्यूआई 289 से 319 तक बताया जा रहा है।

एयर क्वालिटी स्केल क्या है
एयर क्वालिटी स्केल में हर देश या इलाके में प्रदूषण फैलाने वाले कॉम्पोनेंट का कंसंट्रेशन मापा जाता है। एयर क्वालिटी इंडेक्स से प्रदूषण के स्तर का पता लगाने में आसानी होती है। साथ ही प्रदूषण से जुड़े जोखिम का भी पता लगाया जाता है। प्रदूषण और स्वास्थ्य पर उसके असर के आधार पर एयर क्वालिटी के बारे में पता लगाया जाता है। जैसे-जैसे हवा में प्रदूषण का स्तर बढऩे लगता है, लोगों की सेहत से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इस तरह का प्रदूषण खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और उन लोगों पर असर डालता है जिन्हें सेहत से जुड़े ज्यादा खतरे होते हैं। आम तौर पर जब एयर क्वालिटी खराब होती है तो सरकारी एजेंसियां घर के अंदर और बाहर की जाने वाली गतिविधियों को लेकर सेहत से जुड़े अहम सुझाव देती हैं।
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एयर क्वालिटी इंडेक्स का आकलन
एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कॉम्पोनेंट के मेजरमेंट पर आधारित होते हैं। हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कुछ सामान्य कॉम्पोनेंट को ट्रैक किया जाता है। जैसे पीएम 2.5, पीएम 10, ओजोन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड व कार्बन मोनो ऑक्साइड। प्रदूषण फैलाने वाले इन कॉम्पोनेंट और कभी-कभी कुछ अन्य कॉम्पोनेंट की मात्रा को भी मापा जाता है। इन सभी का इस्तेमाल एयर क्वालिटी इंडेक्स को कैलकुलेट करने के लिए किया जाता है।

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