चित्तौड़गढ़

लोन देने के नाम पर आ रहे फर्जी कॉल तो हो जाए सावधान, करें ये उपाय

Fraud Loan Alert: अगर आपको कारोबार, घर बनाने के लिए या कोई उधार चुकाने के लिए पैसों की जरूरत है और कोई फोन कर लोन देने की बात कह रहा है तो सावधान हो जाइए।
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Updated: 11 Jul 2023, 1:59 PM IST
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चित्तौड़गढ़/रावतभाटा/पत्रिका। Fraud Loan Alert: अगर आपको कारोबार, घर बनाने के लिए या कोई उधार चुकाने के लिए पैसों की जरूरत है और कोई फोन कर लोन देने की बात कह रहा है तो सावधान हो जाइए।

आपके साथ धोखा भी हो सकता है। दरअसल, कम ब्याज दर पर और जल्दी लोन दिलाने के नाम पर लोगों को लूटने का खेल फोन कॉल्स के माध्यम से चलाया जा रहा है। हर दिन लोगों के पास 4 से 5 कॉल्स लोन के लिए आते हैं। ये कॉल्स करने वाले ऐसे लोगों को शिकार बनाते हैं, जिन्हें लोन की जरूरत होती है और जो बैंकों के चक्कर नहीं काटना चाहते। कई बार नंबर्स की पहचान कर ब्लॉक भी कर दें तो अन्य किसी नंबर से फिर से कॉल्स आने लगते हैं। ऐसे में लोग इन फर्जी लोन कॉल्स से परेशान हैं। अधिकतर नंबर यूपी और कर्नाटक के हैं, जहां से ये खेल चलाया जा रहा है।

पहला केस
रूपलाल (परिवर्तित नाम) को पैसों की जरूरत थी। एक दिन उसके पास लोन के लिए कॉल आया और उसमें लोन आसान किस्तों पर देने की बात की गई। रूपलाल ने जल्दी लोन मिलने के लालच में हां कर दी और अपनी बैंक अकाउंट डिटेल्स व अन्य जरूरी दस्तावेज शेयर कर दिए। अब लोन की राशि मिलने से पहले ही उसे कुछ राशि जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद कोई ना कोई कमी दस्तावेज में निकालते हुए उसे और भी राशि जमा कराने के लिए कहा तो उसे खेल समझ आ गया, लेकिन तब तक उसके चपत लग चुकी थी।

दूसरा केस
निर्मल कुमार (परिवर्तित नाम) के पास कुछ समय पहले मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन कर कहा कि आपका पांच लाख रुपए का लोन पास हुआ है। इस संबंध में उसके पास मैसेज भी लगातार आते रहे। इसके बाद उसने जब उस नंबर पर कॉल किया तो ठग ने खुद को एक फाइनेंस कंपनी का ही व्यक्ति बता कर झांसे में ले लिया। साथ ही जरूरी व्यक्तिगत दस्तावेज, बैंक से संबंधित व अन्य कागजात जमा कराने को कहा। इसके बाद उसकी सभी बैंक डिटेल्स मंगवाई और यहां तक कि ओटीपी भी बताने को कहा। जब पैसे निकलने का मैसेज आया तब उसे धोखाधड़ी का पता चला।

आईपीसी के तहत कार्रवाई का प्रावधान
लोन बांटने के नाम पर बेरोजगारों और जरूरतमंदों को धोखे में रखकर ऐसा करना पूरी तरह से ठगी है। आईपीसी के तहत ऐसा करना धोखाधड़ी है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 419 और 420 के तहत ऐसे लोगों को झांसा देकर ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।

इन बातों का रखें ध्यान
लोन की जरूरत होने पर बैंक या फाइनेंस कंपनी में सीधे संपर्क करें
किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर पूरी पड़ताल करके ही कोई जानकारी शेयर करें
खुद को बैंक या फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताने वाले से पहले उसकी पूरी जानकारी लें
लोन के लिए आने वाले ज्यादातर मैसेज फ्रॉड होते हैं। इन पर दिए लिंक्स पर क्लिक नहीं करें।
कॉलर के कहने पर बैंक डिटेल, दस्तावेज और कोई भी ऐप डाउनलोड करने से बचें
ठगी होने पर फौरन इसकी सूचना साइबर सेल को दें
कॉलर के कहने पर किसी भी तरीके की फीस जमा नहीं करवाएं

पूरी डिटेल्स पहुंचती है ठगों के पास
ठग खुद को बैंक मैनेजर या फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर कम से कम पांच लाख की रकम पास होने का झांसा देते हैं। लोग झांसे में आते हैं तो वह बैंक डिटेल, आधार कार्ड, फोटो समेत अन्य कागजात को लेकर इसके एवज में कंपनी या बैंक लोन से संबंधित दस्तावेज उनके मोबाइल पर भेजते हैं। इसके बाद वह लोन फीस, जीएसटी फीस, कमीशन आदि के नाम पर आपके खाते से सारी रकम उड़ा देता है। इसके अलावा लोगों की फोन डिटेल्स भी ठगों तक पहुंच जाती है। ये कॉल्स उनके मित्रों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों तक भी पहुंचते हैं।

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