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Dhanteras Special : चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ में अनोखा चलन, नई लाल पोथी की शुरुआत ‘सेठजी’ के नाम से करते हैं व्यापारी

Dhanteras Festival Special : चित्तौड़गढ़. राजस्थान सहित पूरे देश में धनतेरस का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। हजारीदास वैष्णव के अनुसार, मंडफिया में पांच बैंक हैं एसबीआइ, बीओबी, बैंक ऑफ बड़ौदा (ग्रामीण), इंडियन बैंक व पंजाब नेशनल बैंक। पांचों बैंक शाखाओं में खाता नंबर-01 सांवलिया सेठ के नाम से है।
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चित्तौड़गढ़

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 6 Nov 2026, 8:20 AM IST

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Dhanteras Special : चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ। फाइल फोटो पत्रिका

Dhanteras Festival Special : चित्तौड़गढ़. राजस्थान सहित पूरे देश में धनतेरस का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। वहीं चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ में भी धनतेरस को मनाने की एक अनोखा चलन है। मेवाड़-मालवा के अफीम और मार्बल बेल्ट में व्यापार की अपनी अलग परंपरा है। आधुनिक टैली और डिजिटल लेजर के दौर में भी यहां धनतेरस पर बही-खाते बदलने की रस्म में सबसे पहले श्री सांवलिया सेठ का नाम दर्ज होता है। गांवों के दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, अनेक व्यापारी नई लाल पोथी की शुरुआत सेठजी के नाम से करते हैं। यह परंपरा कारोबार में आस्था और विश्वास के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। धनतेरस पर मेवाड़ के बाजारों में गल्ला, कपड़ा, खाद-बीज और आभूषण कारोबारी नए बही-खाते शुरू करते हैं। कई व्यापारी पहली प्रविष्टि में श्री सांवलिया सेठ का नाम लिखते हैं। मान्यता है कि सालभर के कारोबार में होने वाले लाभ का एक हिस्सा मंदिर में अर्पित किया जाएगा। यह कोई औपचारिक कारोबारी समझौता नहीं, बल्कि आस्था और व्यक्तिगत संकल्प से जुड़ी परंपरा है।

लाल पोथी की परंपरा

पारंपरिक रूप से व्यवसायी अपनी दुकानों के बही-खातों (जिन्हें 'लाल पोथी' कहा जाता है) की शुरुआत भगवान को साक्षी मानकर या उनका हिस्सा तय करके करते हैं।

धनतेरस की शाम 'जीरो बैलेंस' का अनोखा नियम, कोई कर्ज नहीं

इस अंचल में धनतेरस नए बही-खाते शुरू करने के साथ पुराने हिसाब-किताब निपटाने का भी अवसर है। व्यापारियों का मानना है कि सांवरा सेठ की नई बही में कोई पुराना कर्ज न रहे। इसलिए कोशिश होती हैं कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत पुराने बकाये चुकाकर करें। उनके लिए नई लाल पोथी केवल लेखा-जोखा रखने का माध्यम नहीं, बल्कि नए संकल्प और शुभ शुरुआत का प्रतीक भी है। डिजिटल दौर में भी यह परंपरा मेवाड़ के कारोबार में सांवलिया सेठ के प्रति आस्था की मौजूदगी बताती है।

'खाता नंबर-01' सेठजी के नाम से खोलने का चलन

चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के अनुसार, मंडफिया में पांच बैंक हैं एसबीआइ, बीओबी, बैंक ऑफ बड़ौदा (ग्रामीण), इंडियन बैंक व पंजाब नेशनल बैंक। पांचों बैंक शाखाओं में खाता नंबर-01 सांवलिया सेठ के नाम से है। भंडार और चढ़ावे की राशि इन बैंकों में जमा होती है। व्यापारियों की लाल पोथी से लेकर बैंक खातों तक सेठ के प्रति आस्था की झलक दिखाई देती है।