चित्तौड़गढ़

कैसे सुधरेगी सेहत, फर्श पर रोगियों को चढ़ा रहे ड्रिप

मौसम ने क्या करवट बदली चिकित्सालयों में रोगियों की कतारे लग गई है। रोगियों का दबाव बढ़ते ही जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं की हकीकत सामने आ गई है।
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कैसे सुधरेगी सेहत, फर्श पर रोगियों को चढ़ा रहे ड्रिप




चित्तौडग़ढ़. मौसम ने क्या करवट बदली चिकित्सालयों में रोगियों की कतारे लग गई है। रोगियों का दबाव बढ़ते ही जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं की हकीकत सामने आ गई है। हालात ये है कि जिला चिकित्सालय में भर्ती होने वाले रोगियों को भी बैड के अभाव में फर्श पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हॉलाकि चिकित्सालय प्रशासन का दावा है कि ३०० बैड की क्षमता वाले अस्पताल में ५५० से अधिक बैड लगे हुए है। चिकित्सालय में मंगलवार को मेल व फिमेल मेडिकल दोनों वार्डों में सभी बैड भरे होने से नए भर्ती हुए कई रोगी फर्श पर सोते मिले। इससे सर्दी की चपेट में आने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। फर्श पर ही ऐसे रोगियों को ड्रिप भी चढ़ाई जा रही है।
अस्पताल खुलते ही लगती कतार
जिला अस्पताल के खुलते ही ओपीडी पर पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की लाईन लग जाती है। मरीज को पर्ची कटवाने से लेकर भर्ती तक लगभग दो घंटे इंतजार के बाद फर्श मिलता है। इन मरीजों में सबसे अधिक मरीज मौसमी बीमारियों से पीडि़त है। वहीं जिले में डेगूं से ग्रसित मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। वार्डों में अधिक मरीजों के भर्ती होने से मरीजों सहित परिजनों की संख्या से भारी भीड़ एकत्रित हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीजों के परिजनों को वार्ड से बाहर निकालने के लिए गार्डों को भी परेशानी होती है। भर्ती होने वाले मरीजों में वायरल बुखार, सर्दी-जुखाम के मरीजों की संख्या अधिक है। जिला अस्पताल में पिछले आठ दिनों में आउटडोर में प्रतिदिन आने वाले रोगियों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक वहीं वार्डों में भर्ती होने वालों की संख्या औसतन २०० प्रतिदिन रही है।

फर्श पर रोगी, संक्रमण का खतरा
मौसमी बीमारियों के चलते मेल व फिमेल मेडिकल वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज होने से आधे मरीजों को फर्श पर लैटाया जा रहा है ऐसे में मरीजों के पास-पास फर्श पर सोने से मरीजों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

वार्ड में बेड पचास, भर्ती १०० मरीज
जिला अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड में ५० बेड लगे हुए है जहां पर मंगलवार को लगभग १०० मरीज भर्ती है ऐसे में आधे मरीजों केा फर्श पर लेटा कर ईलाज किया जा रहा है। इसी तरह फिमेल वार्ड में ५० बेड की जगह ८०-९० मरीज भर्ती है।

अस्पताल में तीन सौ बेड स्वीकृत है उसके बाद भी ५५० बेड लगा रखे है, लेकिन मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या अधिक है। हम अपनी सेवाएं दे रह है।
डॉ. मधुप बक्षी, पीएमओ, श्री सांवलियाजी राजकीय जिला चिकित्सालय चित्तौडग़ढ़

Updated on:
31 Oct 2018 01:42 pm
Published on:
31 Oct 2018 01:42 pm
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