Unique Story: आजकल जहां छोटी-सी बात पर इंसानियत शर्मसार हो जाती है, वहीं चित्तौड़गढ़ के जियाखेड़ी गांव के एक किसान ने प्रकृति के प्रति प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है।
Unique Story: आजकल जहां छोटी-सी बात पर इंसानियत शर्मसार हो जाती है, वहीं चित्तौड़गढ़ के जियाखेड़ी गांव के एक किसान ने प्रकृति के प्रति प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। किसान उदयलाल व्यास के घर सोमवार को बेटे और दो बेटियों का विवाह था। खुशियों का माहौल था, भव्य पंडाल लगा था, लेकिन इस पूरे जश्न का केंद्र बिंदु कोई वीआईपी मेहमान नहीं, बल्कि एक 'नन्ही टिटहरी' और उसके 4 अंडे रहे।
शादी की तैयारियों के दौरान पता चला कि जहां मेहमानों के भोजन और बैठने की व्यवस्था थी, ठीक वहीं एक टिटहरी ने अंडे दिए हुए हैं। उदयलाल ने परंपरा और जीव दया को सर्वोपरि रखते हुए टेंट हाउस को तुरंत निर्देश दिए कि अंडों को हटाए बिना पंडाल का नक्शा बदल दिया जाए। किसान के निर्देशानुसार टेंट हाउस के कर्मचारियों ने बांस का घेरा बनाकर टिटहरी के घर को सुरक्षित घेरे में रखा और रंग बिरंगे रिबन लगाकर सजावट कर दी।
अंडों की सुरक्षा के लिए बकायदा बांस और रंगीन रिबन से बैरिकेडिंग की गई। उदयलाल ने एक व्यक्ति की विशेष ड्यूटी लगाई ताकि कोई मेहमान गलती से अंडों को नुकसान न पहुंचा दे। शादी में 2000 मेहमान आए, डीजे बजा, खूब शोर हुआ, लेकिन उस सुरक्षा घेरे के भीतर टिटहरी बेखौफ होकर अपने अंडों को सेती रही। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुरक्षित ढंग से टेंट के सामान को हटाया भी गया।
मेरे आंगन में खुशियों का अवसर था, तो मैं किसी की दुनिया कैसे उजाड़ सकता था? टिटहरी ने भरोसा करके मेरे खेत में अंडे दिए थे, उस भरोसे को बचाना मेरा धर्म था।- उदयलाल व्यास, पक्षी प्रेमी किसान