चित्तौड़गढ़

नवसंवत्सर: शोभायात्रा में गूंजा वंदे मातरम, जय श्रीराम के नारों से गूंजायमान हुआ चित्तौड़

भारतीय नव संवत्सर के स्वागत के लिए शनिवार को निकाली गई शोभायात्रा ऐतिहासिक और श्रद्धा, संस्कृतिमय हो गई। शोभायात्रा में वंदे मातरमï् और जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे।शोभायात्रा में इस बार उज्जैन से आई महाकाल की बारात की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में शामिल झांकियां देश की संस्कृति सहित इतिहास से रुबरु कराया। वहीं शोभायात्रा में चित्तौड़ दुर्ग की वीरता और मेवाड़ी आन, बान, शान भी आकर्षण का केंद्र थी। करीब एक से डेढ़ किलोमीटर लम्बी शोभायात्रा को देखकर शहरवासियों और बाहर से वाहनों से गुजर रहे लोगों के दिलों पर छाप छोड़ गई।
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नवसंवत्सर: शोभायात्रा में गूंजा वंदे मातरम, जय श्रीराम के नारों से गूंजायमान हुआ चित्तौड़

चित्तौडग़ढ़. भारतीय नव संवत्सर के स्वागत के लिए शनिवार को निकाली गई शोभायात्रा ऐतिहासिक और श्रद्धा, संस्कृतिमय हो गई। शोभायात्रा में वंदे मातरमï् और जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे।शोभायात्रा में इस बार उज्जैन से आई महाकाल की बारात की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में शामिल झांकियां देश की संस्कृति सहित इतिहास से रुबरु कराया। वहीं शोभायात्रा में चित्तौड़ दुर्ग की वीरता और मेवाड़ी आन, बान, शान भी आकर्षण का केंद्र थी। करीब एक से डेढ़ किलोमीटर लम्बी शोभायात्रा को देखकर शहरवासियों और बाहर से वाहनों से गुजर रहे लोगों के दिलों पर छाप छोड़ गई। शोभायात्रा का लोगों ने जगह-जगह स्वागत कर एक-दूसरों को नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दी।
नववर्ष स्वागत समिति की ओर से आयोजित शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र थी। इंदिरा गांधी स्टेडियम से शाम करीब साढ़े चार बजे निकाली गई शोभायात्रा में सबसे आगे ऊंट चल रहे थे। इन पर साफे पहने लोग सवार थे। पीछे चल रहे एक दर्जन से अधिक अश्वों पर बच्चे, बालिकाएं सैनिक, झांसी की रानी आदि बन कर सवार थे। पीछे ट्रैक्टर, जीप, बग्गी आदि में अलग-अलग झांकियां सजी हुईथी।शोभायात्रा में सजी विद्यालयों सहित विभिन्न समाजों की इन झांकियों ने देश के कई राज्यों की संस्कृति के साथ दुर्ग के विजय स्तम्भ, महारानी पद्मिनी की वीरता, मीरा की भक्ति सहित मेवाड़ के स्वाभिमानी, ऐतिहासिक और वीरता की गाथा का बखान किया। दूसरी और धार्मिक व आध्यात्मिक संस्कृति की झांकियां अनूठी बन गई। शोभायात्रा में विधायक चंद्रभानसिंह आक्या, सभापति सुशील शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोगों, महिलाओं, युवा, युवतियों सहित बुजुर्गों ने भाग लिया। धवल वस्त्रों में लोग सिर पर साफा बांध कर भारतमाता, वंदे मातरम्, नव संवत्सर, चित्तौड़ और मेवाड़, राष्ट्र का वंदन, जयकारे लगाते चल रहे थे। बैंडबाजे और डीजे धार्मिक व वीरतामय के संगीत से लोगों में देश भक्ति का जोश भर रहे थे।महिलाएं और युवतियों ने भी सिर पर साफे धारण कर रखे थे। शोभायात्रा में मौजूद लोगों, महिलाओं ने सिर पर केसरिया साफा बांध रखा था। नव वर्ष के स्वागत में शहर दुल्हन की तरह सजा संवरा नजर आया।
उज्जैन की झांकी रही आकर्षण केंद्र
शोभायात्रा में उज्जैन से आए युवा आकर्षण का केन्द्र रहे। युवा विशेष पोशाक में ढोल की थाप के साथ मंजीरे और डमरू को बजाते चल रहे थे। आगे भगवान महाकाल की झांकी चल रही थी। शिव बने कलाकार की ओर से किए नृत्य को भी सराहा गया। वही इस बार झांकी में महाकाल की बारात शामिल थी जो आकर्षण का केंद्र बन गए।
शोभायात्रा में मतदान और रक्तदान का दिया संदेश
शोभायात्रा में सजी हर झांकी कोई न कोई संदेश दे रही थी। कोई झांकी चित्तौड़ की वीरता, भक्ति, त्याग का संदेश को कोई भारतीय संस्कृति का संदेश दे रही थी। शोभायात्रा में एक झांकी हाल में होने लोकसभा चुनाव में शत प्रतिशत मतदान करने का संदेश दे रही थी तो एक झांकी रक्तदान का संदेश दे रही थी तथा शोभायात्रा में नवदुर्गा की जीवंत झांकी भी सजाईगईथी।

Published on:
06 Apr 2019 11:06 pm