चित्तौड़गढ़

Rajasthan: राजस्थान सरकार के एक फैसले से आम जनता को बड़ा झटका, अब घर बनाना हुआ महंगा, जानिए कैसे

पहले ईंट-भट्टे साल में नौ माह चलते थे, लेकिन अब 1 जनवरी से 30 जून तक संचालन करने की अनुमति होगी। 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक फायरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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Price of bricks in india
फाइल फोटो

राजस्थान सरकार के नए आदेश ईंट-भट्टों का संचालन साल में छह माह करने से आमजन की जेब पर भार बढ़ा है। 22 जनवरी 2025 को जारी आदेश का असर 1 जुलाई से दिखने लगा है। चित्तौड़गढ़ जिले समेत प्रदेश में ईंटों की सप्लाई घट गई है। ईटों के दामों में एक से सत्रह सौ रुपए तक का उछाल आया है।

इससे निर्माण कार्य महंगा हो जाएगा। एक ट्रैक्टर ईंट मंगवाने पर कम से कम 3000 से 3500 रुपए अधिक चुकाने होंगे। मकान निर्माण से लेकर सरकारी योजनाओं तक हर क्षेत्र पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

प्रदेश भर में चित्तौड़गढ़ की ईंटों की मांग

चित्तौड़गढ़ के सवा सौ से अधिक चिमनी ईंट-भट्टों से बनी ईंटें न केवल जिले में बल्कि प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, सलूंबर और उदयपुर तक सप्लाई होती हैं। यहां करीब 10 से 15 हजार मजदूर काम करते थे। जो काम बंद होने पर गांव लौट गए, जो 31 दिसंबर से पहले लौटना शुरू करेंगे। ईंट भट्टा संचालक के अनुसार, कीमतें 7 रुपए प्रति ईंट होने से चूरू व हनुमानगढ़ से सस्ती ईंटें आ जाती हैं। हालांकि उनकी गुणवत्ता कम है, लेकिन बड़े निर्माण कार्यों में उनका उपयोग हो जाता है।

अब केवल जनवरी से जून तक ही संचालन

पहले ईंट-भट्टे साल में नौ माह चलते थे, लेकिन अब 1 जनवरी से 30 जून तक संचालन करने की अनुमति होगी। 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक फायरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जुर्माना व कानूनी कार्रवाई करेगा। इस बार मई में बारिश जल्दी आने से भट्टों का काम पंद्रह दिन पहले बंद हो गया। स्टॉक कम होने के कारण सप्लाई और घट गई।

कीमतों में अचानक उछाल

● कोयले से बनी ईंटें : पहले 1000 ईंटें 5000 रुपए में मिलती थीं, अब 6500 रुपए तक।
● तुड़ी व लकड़ी से बनी ईंटें : पहले 5000 रुपए, अब 6000 रुपए प्रति हजार।
● मिट्टी से बनीं ईंटें : पहले 5300 रुपए की एक हजार, अब 7 हजार रुपए की एक हजार ईंट।
● कीमतों में इस वृद्धि ने ठेकेदारों, मिस्त्रियों और घर बनाने वाले आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।

मई में ही काम हो गया था बंद

इस बार मई माह में बारिश आने से ईंट भट्टों पर काम 15 दिन पहले ही बंद हो गया था। ऐसे में ईंटों का ज्यादा स्टॉक नहीं किया जा सका। जिले में ईंट भट्टों पर काफी मजदूर काम करते हैं। सभी अपने गांव चले गए हैं, जो 31 दिसंबर से पहले ही आने शुरू होंगे।
राजेश मेनारिया, ईंट विक्रेता, चित्तौड़गढ़

Updated on:
12 Aug 2025 04:40 pm
Published on:
12 Aug 2025 04:40 pm