चित्तौड़गढ़

रात में चला बारिश का दौर, फसलों को नुकसान

जिले में बारिश का दौर मंगलवार रात भर रूक-रूक कर चलता रहा। इससे खेतों में खड़ी फसल के गलने का संकट भी उत्पन्न हो गया है। खेतों में पानी भर जाने से काटी गई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा तो खड़ी फसल को भी क्षति हुई है। किसानों को हुए नुकसान का कृषि विभाग का आकलन करवा रहा है।
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डूंगला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बुधवार सुबह भरा पानी।

चित्तौडग़ढ.़ जिले में बारिश का दौर मंगलवार रात भर रूक-रूक कर चलता रहा। इससे खेतों में खड़ी फसल के गलने का संकट भी उत्पन्न हो गया है। खेतों में पानी भर जाने से काटी गई गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा तो खड़ी फसल को भी क्षति हुई है। किसानों को हुए नुकसान का कृषि विभाग का आकलन करवा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने गिरदावरी करा फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांंग भी उठाई है। मौसम बुधवार सुबह से साफ रहने से दो दिन से बारिश व अंधड़ से परेशान किसानों व आमजन को राहत मिली। सुबह ८ बजे समाप्त हुए २४ घंटे की अवधि में जिले में सर्वाधिक ३३ मिलीमीटर बारिश गंगरार में दर्ज हुई। इस अवधि में बेगूं में २८,भूपालसागर में २१, बस्सी में २१, चित्तौैडग़ढ़ में ११ एवं कपासन में १० मिलीमीटर बारिश हुई। जलस्रोतों पर इस अवधि में सर्वाधिक ३३ मिलीमीटर बारिश ओराई बांध पर हुई तो बडग़ांव तालाब पर २५ व गंभीरी बांध पर २३ मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने का असर जल वितरण पर
दो दिन बारिश का दौर चलने पर बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने का असर शहर की जल वितरण व्यवस्था पर भी पड़ा। घोसुण्डा बांध व भेरेड़ा माइंस पर लगे पम्प पूरी तरह नहीं चलने से जलदाय विभाग की टंकियां खाली रह गई तो शहर के मधुवन, सेंती, गांधीनगर सेक्टर-२ आदि क्षेत्रों में बुधवार को जल वितरण नहीं हो पाया। पुराने शहर क्षेत्र में भी जलापूर्ति आशिंक प्रभावित हुई।
दिन में कभी धूप
कभी छांव
शहर में बुधवार दिन भर कभी धूप कभी छांव का दौर चलता रहा। दोपहर १२ बजे तक धूप खिली रही लेकिन बाद में सूरज व बादलों में लुकाछिपी होती रही। दिन में कुछ समय बारिश के आसार बने लेकिन बारिश नहीं हुई।
प्रशासन ने सरकार को भेजी नुकसान की सूचना
जिले में तीन दिन अचानक मौसम में बदलाव के कारण आये अंधड़, बारिश एवं ओलावृष्टि से हुई मानव क्षति, पशु क्षति तथा मकान क्षति की सूचना राज्य सरकार को भेज दी गई है। ताकि प्रभावित व्यक्तियों को तुरन्त सहायता स्वीकृत की जाकर राहत प्रदान की जा सके। जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने तहसीलदारों को फसलो में हुए नुकसान का प्राथमिक आंकलन करने के लिए निर्देश दिए है। दो दिन में इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी जाएगी।
सड़कों पर फैल
गई गदंगी
पिछले दो दिन बारिश का दौर चलने से सड़कों पर जगह-जगह गदंगी फैल गई। नगर परिषद की ओर से सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने से भी लोगों की मुश्किले बढ़ गई। नालियों की गदंगी सड़कों पर फैल जाने के बावजूद उन्हें समय पर हटाने के लिए सफाईकर्मी नहीं पहुंचे।
सोनियाणा. सुरपुर, रेवलिया, खुर्द, हथियाणा, पांडोली स्टेशन आदि क्षेत्रों में मंगलवार रात्रि अंधड़ और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। कई स्थानों पर पेड़ पौधे उखड़ गए और दो दिन तक बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों की 4 महीनों की मेहनत पानी में मिल गई। काटकर रखी गई फसल खराब हो गई। किसानों ने गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
भदेसर. क्षेत्र के गांवो में मंगलवार रात्रि तेज वर्षा से खलिहान में कटी हुई व खेत में खड़ी फसल भीग गई। बुधवार को धूप-छांव के बीच ठण्डी हवाएं चलती रही। किसान बुधवार को निकली धूप में गेहूं की पुलियों को सुखाते देखे गए। वहीं पशुओं का खांखला भी गीला हो गया। बारिश के दौरान रातभर बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भादसोड़ा सममेत कई गांवों में भी रातभर बिजली गुल रही।


पानी में मिल गई किसानों की मेहनत
पहुंना. दो दिन लगातार तेज हवा के साथ बारिश और ओलों से क्षेत्र में फसलों को भीरी नुकसान हुआ। इनमें चना व जौ व गेहूं की फसल चौपट हो गई। खेतों में पानी भर गया। बालिका माध्यमिक विद्यालय मैदान में ग्राम पंचायत को सेटेलाइट से जोडऩे के लिए दस वर्ष पूर्व लगाया गया टावर टूट कर स्कूल भवन पर जा गिरा। वहीं तेज बारिश के साथ क्षेत्र में ओले भी गिरे। कई स्थानों पर बिजली के तार टूटने से बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी हुई।
चौदह घंटे बाद बहाल हुई बिजली
चिकारड़ा. अंधड़ औक बारिश के कारण होर्डिंग व बोर्ड उड़ गए वहीं कई स्थानों पर पेड़ की टहनियां टूट गई। खेतों में रखी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। किसान दलीचन्द ने बताया कि पहले पानी की कमी के चलते गेहूं की फसल कम थी उस पर बरसात ने रही सही कसर पूरी कर दी। मंगलवार रात्रि चिकारड़ा मोरवन, पिराणा, भादसोड़ा 33 किलोवाट फीडर पर फाल्ट आने से रात्रि 12 बजे बिजली गुल हो गई। इससे करीब 100 से अधिक गांव रातभर अंधेरे में डूबे रहे। 14 घंटे से अधिक समय बाद बिजली बहाल हो पाई।

बारिश से चिकित्सालय बना तलैया
डूंगला. कस्बे सहित क्षेत्र भर में बुधवार को दिनभर कभी धूप तो कभी बादल का क्रम जारी रहा। इससे पूर्व मंगलवार रात्रि कस्बे में तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई। बारिश से सड़को पर पानी बहने लगा। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में एक फीट तक पानी भर गया। इससे मरीजों व परिजनो को परेशानी का सामना करना पड़ा। खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. माधव सिंह मीणा ने बताया कि प्रतिवर्ष बारिश में यह समस्या रहती है एवं इसके सम्बंध में उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों का पूर्व में सूचित किया था और बुधवार को भी किया गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय परिसर में एक नाला बना हुआ है जो जाम है एवं इसे चिकित्सालय से बाहर बनाने की आवश्यकता है। दो दिन में हुई बारिश व ओलावृष्टि के बाद खेतों में पड़ी फसलों में नुकसान हुआ है।

Published on:
17 Apr 2019 11:18 pm