चित्तौड़गढ़

राजस्थान सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना पर पादर्शिता के लिए लगाया यह पहरा…पढ़े पूरी खबर

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को दिए जा रहे मिड-डे-मील की मॉनिटरिंग के लिए एप पर प्रभारी को प्रतिदिन ऑनलाइन डाटा इन्द्राज करना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
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Patrika File Photo

चित्तौडगढ़़. चित्तौडगढ़़ जिले सहित प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को दिए जा रहे मिड डे मील की खपत और छात्र-छात्राओं को दिए जा रहे पोषाहार पर अब सरकार का पहरा रहेगा।
समय-समय पोषाहार को लेकर उठ रहे सवाल को लेकर अब व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए मिड डे मील आयुक्तालय ने नवाचार करते हुए एप्लीकेशन तैयार की है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदेश के हर सरकारी स्कूल के मिड डे मील प्रभारी और संस्था प्रधान प्रतिदिन स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या तथा उपयोग किए गए गेहूं और चावल की मात्रा इस एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन फीड करेंगे और इसके साथ ही स्कूल में बची हुई अन्य खाद्य सामग्री की जानकारी भी अपलोड करेंगे।
विभाग की ओर से पोर्टल शुरू करने से सरकारी स्कूलों के मिड डे मील पर सरकार और विभाग की सीधी मॉनिटरिंग हो पाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस स्कूल में कितना पोषाहार रोजाना उपयोग में लिया जा रहा है। इसके साथ ऐप के माध्यम से यह भी पता लग जाएगा कि कौन से स्कूल में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थी स्कूल में उपस्थित रहे हैं और कितने विद्यार्थियों ने पोषाहार खाया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित कर्मचारियों को विभाग की ओर से नोटिस देने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। गौरतलब है कि महंगाई लगातार आसमान छू रही है। हालात यह हो रहे है कि आटा, दाल से लेकर सब्जियों के भाव भी आसमान छू रहे हंै। महंगाई का असर सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना के तहत दिए जाने वाले भोजन पर पड़ रहा है। फल, सब्जियां महंगी होने से बच्चों के पोषाहार से हरी सब्जियां तक गायब हो गई। यहां तक कि मसाले, गैस सिलेंडर आदि महंगे हो जाने से पोषाहार की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा था। महंगाई को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर मिड डे मील आयुक्त ने पोषाहार कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट की राशि में बढ़ोतरी की है।

छह माह में दूसरी बार बढ़ाई दरें

मिड डे मील आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने आदेश जारी कर कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट भोजन पकाने की लागत में बढ़ोतरी की है। आदेश में यह बढ़ोतरी 1 मई से करने की बात कही गई है। आदेश के तहत बाल वाटिका एवं प्राथमिक विद्यालय में 59 पैसे एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर 88 पैसे की प्रति छात्र बढ़ोतरी की है। कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट बढऩे का फायदा बच्चों को होगा। दिसंबर 2024 में भी प्राथमिक स्तर पर 74 पैसे व उच्च प्राथमिक स्तर पर 1.12 रुपए प्रति छात्र की दर से कुकिंग कन्वर्जन की राशि में बढ़ाई गई थी। पिछले छह माह में प्राथमिक स्तर पर 1.33 एवं उच्च प्राथमिक स्तर 2 रुपए पोषाहार की राशि में बढ़ोतरी हुई है।

संस्था प्रधान भरेंगे रिपोर्ट

मिड डे मील की जानकारी अपलोड के साथ ही कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को बाल गोपाल योजना के तहत दिए जाने वाले मिल्क पाउडर की जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इससे मिड डे मील और बाल गोपाल योजना की पारदर्शिता भी बनी रहेगी। मिड डे मील के लिए शुरू किए गए ऐप के माध्यम से सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले पोषाहार की जानकारी प्रतिदिन संस्था प्रधान या मिड डे मील प्रभारी देंगे। इस ऐप के माध्यम से सरकारी स्कूल में दिए जाने वाले पोषाहार की आपूर्ति और स्टॉक वितरण की जानकारी भी प्रतिदिन विभाग को मिलती रहेगी

Updated on:
22 Jun 2025 12:22 pm
Published on:
22 Jun 2025 12:22 pm