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राजस्थान में यहां जाट समाज ने प्री-वेडिंग और फिजूलखर्ची पर लगाई रोक, जानें नई गाइडलाइन

लेसवा गांव में जाट समाज की ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। समाज हित को सर्वोपरि रखते हुए बैठक में कई कड़े निर्णय लिए गए, जिससे समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाया जा सके और युवाओं को सही दिशा मिल सके।

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फोटो पत्रिका नेटवर्क

भदेसर (चित्तौड़गढ़)। लेसवा गांव में जाट समाज की ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। समाज हित को सर्वोपरि रखते हुए बैठक में कई कड़े निर्णय लिए गए, जिससे समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाया जा सके और युवाओं को सही दिशा मिल सके।

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष शंकरलाल जाट की अध्यक्षता में समाज जनों ने गंभीर चर्चा की। समाज ने निर्णय लिया कि जो लोग बालिग या नाबालिग लड़कियों को भ्रमित कर उन्हें परिवार से दूर करने जैसी समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, ऐसे व्यक्तियों का समाज से पूर्णतः बहिष्कार किया जाएगा।

समाज ने जारी की नई गाइडलाइन

शादी-ब्याह के नियमों में बदलाव फिजूलखर्ची रोकने के लिए समाज ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें शादी में 7 तोला सोना और एक किलो चांदी से अधिक के जेवरात नहीं ले जा सकेंगे। आधुनिकता के नाम पर होने वाले प्री-वेडिंग शूट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। स्टेज प्रोग्राम और डीजे के शोर-शराबे पर रोक लगा दी गई है।

शादी-समारोह में होने वाले बर्तनों के लेन-देन की प्रथा को भी बंद करने का निर्णय लिया गया। समाज ने सामूहिक मृत्यु भोज में सादगी अपनाने पर जोर देते हुए तय किया कि अब एक मिठाई से अधिक नहीं बनाई जाएगी।

'दोबारा प्रथा' पूरी तरह बंद

इसके अलावा समाज में प्रचलित 'दोबारा प्रथा' को भी पूरी तरह बंद करने का संकल्प लिया गया। पीपलवास पंचायत प्रशासक व सरपंच कैलाश चंद्र जाट ने बताया कि बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष शंकर लाल जाट सहित समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने एकमत होकर इन निर्णयों का समर्थन किया और समाज की एकता व उन्नति का संकल्प लिया।