
पत्रिका फाइल फोटो
Pension verification pending: चित्तौड़गढ़ जिले में करीब 50 हजार पेंशनरों की पेंशन अटकने का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि ऐसे पेंशनरों का भौतिक सत्यापन शेष चल रहा है। विभाग की ओर से भौतिक सत्यापन की तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई थी, जिसे अभी तक नहीं बढ़ाया गया है, ऐसे में पेंशनरों की पेंशन अटक सकती है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह पेंशन उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए प्रतिवर्ष भौतिक सत्यापन कराया जाना आवश्यक होता है।
विभाग की ओर से एक नवम्बर 2025 से भौतिक सत्यापन शुरू किया गया, इसके लिए 31 दिसम्बर 2025 अंतिम तिथि निर्धारित की गई। इसके बावजूद हजारों की संख्या में पेंशनर का भौतिक सत्यापन नहीं होने के कारण सरकार की ओर से इसके लिए अंतिम तिथि को 31 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया था, इसके बाद से अभी तक इसकी तारीख नहीं बढ़ाई गई है।
जिले में अभी भी करीब 50 हजार पेंशनर का भौतिक सत्यापन होना शेष है। हालांकि विभागीय जानकारों का कहना है कि भौतिक सत्यापन अभी हो रहे हैं। ऐसे में पेंशनरों को जल्द से जल्द भौतिक सत्यापन कराना चाहिए, अन्यथा आगामी माह में पेंशन अटक सकती है।
राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में वृद्धावस्था, एकल नारी, विशेष योग्यजन आदि को प्रतिमाह पेंशन उपलब्ध कराई जाती है। विभाग की ओर से प्रतिवर्ष इसका वार्षिक भौतिक सत्यापन कराया जाता है।
पेंशनर अपना भौतिक सत्यापन नजदीकी ई-मित्र केंद्र, ई-मित्र प्लस मशीन या मोबाइल ऐप के जरिए फेस रिकॉग्निशन तकनीक से घर बैठे भी सत्यापन करा सकते हैं। सत्यापन के लिए पीपीओ नंबर, आधार कार्ड और जन-आधार कार्ड की आवश्यकता होती है।
विभाग के अनुसार जिले में अभी तक 80.81 प्रतिशत पेंशनर का भौतिक सत्यापन हो चुका है। रावतभाटा में मात्र 179 पेंशनर का भौतिक सत्यापन शेष चल रहा है, जबकि सर्वाधिक चित्तौड़गढ़ में 6639 पेंशनर का सत्यापन होना शेष है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के करीब 80.81 फीसदी लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन हो चुका है, वर्तमान में 49,778 सत्यापन शेष चल रहा है। विभाग ने इसके लिए 31 जनवरी अंतिम तिथि निर्धारित की थी।
Published on:
08 Feb 2026 10:00 am
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