चित्तौड़गढ़

कनाडा में मृत राजस्थान के राघव सोनी की देह कब पहुंचेगी भारत? 11 अप्रेल को हुआ था निधन

Raghav Soni death In Canada: कनाडा की हर्ट लेक झील में नाव दुर्घटना का शिकार हुए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिला निवासी राघव सोनी उर्फ राघवेंद्र की देह 24 अप्रेल को भारत पहुंचेगी।

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raghav soni death in kanada
विदेश से मृतक का शव मंगवाने मानवाधिकार आयोग दिल्ली पहुंचे चर्मेश शर्मा व जाफर अंसारी

Raghav Soni death In Canada: चित्तौड़गढ़। कनाडा की हर्ट लेक झील में नाव दुर्घटना का शिकार हुए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिला (बेगूं) निवासी राघव सोनी उर्फ राघवेंद्र की देह मौत के 12 दिन बाद शुक्रवार को भारत पहुंचेगी । इस मामले में राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई में तेजी आई है ।

'अर्जेंट' श्रेणी में त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी

राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा की याचिका पर विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए कनाडा स्थित भारतीय दूतावास को 'अर्जेंट' श्रेणी में त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं । 22 अप्रेल को चर्मेश शर्मा और मृतका की बहन की सहेली के पति जाफर अंसारी ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नाम ज्ञापन सौंपकर शव को जल्द भारत लाने की गुहार लगाई थी ।

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मृत्यु

उल्लेखनीय है कि 11 अप्रेल 2026 को टोरंटो के ब्राम्पटन शहर में संदिग्ध परिस्थितियों में राघव की मृत्यु हो गई थी। परिजनों की मांग और चर्मेश शर्मा के प्रयासों के बाद अब विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि राघव की पार्थिव देह शुक्रवार 24 अप्रेल को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी ।

नाम परिवर्तन पर स्पष्टीकरण

राघव सोनी के राघवेंद्र सिंह नाम बदलने को लेकर उठ रहे सवालों पर चर्मेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह विधि सम्मत प्रक्रिया थी। कनाडा सरकार के नियमों के तहत ही नाम परिवर्तन किया गया था। अतः इसमें किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेजों या संशय की गुंजाइश नहीं है।

पिछले आठ साल से कनाडा में रह रहे थे राघव सोनी

राघव सोनी उर्फ राघवेंद्र सिंह पिछले आठ साल से कनाडा में एक कंपनी में कंप्यूटर इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। राघव सोनी अविवाहित थे। राघव अपने 6 भाई-बहनों में से एक थे, जिनमें 4 बहन और एक छोटा भाई शामिल हैं। अब परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

Updated on:
23 Apr 2026 02:53 pm
Published on:
23 Apr 2026 02:48 pm